नगर निगम में बड़ा फेरबदल, डिप्टी मेयर हटाए गए, अविश्वास प्रस्ताव पारित, भागलपुर में भी मेयर/डिप्टी मेयर पर चल रहा हैं उलटफेर की तैयारी


पटना नगर निगम के उपमहापौर विनय कुमार पप्पू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया है। विनय कुमार पप्पू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को पास होने के लिए न्यूनतम 38 मतों की जरूरत थी जबकि प्रस्ताव पर 40 मत प्राप्त हुए।

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प्रस्ताव के विरोध में सिर्फ चार ने अपना मत डाला। तीन पार्षदों के मत को रद्द कर दिया गया। इस तरह विनय कुमार पप्पू डिप्टी मेयर के पद से हटा दिए गए हैं। बैठक में उपमहापौर समेत तीन पार्षद ऐसे भी थे, जिन्होंने मतदान नहीं किया। इनमें जीत कुमार (वार्ड संख्या 13), अर्चना राय (वार्ड संख्या 29) और पिंकी यादव (वार्ड संख्या 32) शामिल थीं।

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नगर निगम के दो साल पूरे होने के अगले दिन ही 20 जून को डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसे मेयर गुट के पार्षदों ने लाया था। मंगलवार को बांकीपुर अंचल सभागार में इस विशेष बैठक में इस मसले पर जोरदार चर्चा हुई। बैठक में उपमहापौर पर छह आरोप लगाए गए। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में डॉ. आशीष कुमार सिन्हा और इंद्रदीप चंद्रवंशी ने बातें रखीं जबकि लगाए गए आरोपों पर उपमहापौर ने स्वयं बिंदुवार जवाब दिया। लगभग सवा दो घंटे तक चली बहस के बाद जिला प्रशासन के प्रेक्षक की देखरेख में पार्षदों के बीच वोटिंग कराई गई। बैठक में 51 पार्षद मौजूद रहे।

उपमहापौर के जवाब : उपमहापौर ने अपने ऊपर लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के सभी छह सवालों का बिंदुवार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके कारण विकास का कोई काम लंबित नहीं रहा। महापौर पर अनर्गल आरोप उन्होंने नहीं बल्कि निगम के ठेकेदारों ने लगाया था। उन्होंने उन आरोपों की जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने जिला योजना समिति और पटना महानगर योजना समिति चुनाव में निगम के उम्मीदवार को हराने के आरोप से भी इनकार किया। आउटसोर्सिंग के मामले में पार्षदों को अपमानित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उपमहापौर के पद से उन्हें हटाया जा सकता है लेकिन निगम के पार्षद के रूप में निगम के हक में बातों को उठाते रहेंगे।

इनमें से 40 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष (उपमहापौर के विरोध) में मत दिए जबकि चार पार्षदों ने प्रस्ताव के विरोध में अपना मत डाला। अविश्वास प्रस्ताव पास होने की घोषणा के तुरंत बाद उपमहापौर तेजी से सभागार से बाहर निकले। उन्होंने सभी पार्षदों को धन्यवाद दिया। मेयर सीता साहू से मांग की गई कि नए उपमहापौर के नाम की घोषणा बुधवार तक करें।

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डॉ. आशीष कुमार सिन्हा ने कहा कि उप महापौर ने सशक्त स्थायी समिति में जिन प्रस्तावों को पास किया, बोर्ड में उन्हीं प्रस्तावों का विरोध कर पार्षदों को भ्रमित किया। महापौर पर अनर्गल आरोप लगाए। आउटसोर्सिंग के खिलाफ पार्षदों को गुमराह किया। बैठक में पार्षद इंद्रदीप चंद्रवंशी ने कहा कि उपमहापौर पर अविश्वास उस दिन से ही होने लगा था जब उनके चुनाव में 52 मत और मेयर को 38 मत मिले। उन्होंने काम करने वाले पदाधिकारियों को हतोत्साहित किया और विकास कार्य में रोड़ा अटकाया।

 

भागलपुर की राह भी चल रही हैं मुश्किल

 

नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मुहिम ने नया मोड़ ले लिया है। अविश्वास के पहले स्थायी समिति को भंग करने की मुहिम में जुटे नाराज पार्षद कहीं न कहीं बैकफुट पर दिख रहे हैं। वे समिति को भंग करने के लिए मेयर को अल्टीमेटम देते घूम रहे हैं। नाराज पार्षदों का नेतृत्व कर रहे हंसल सिंह ने कहा कि पार्षदों की समस्या का समाधान और प्रत्येक माह सामान्य बोर्ड की बैठक कराने में मेयर असफल रही हैं। इसलिए नौ जून को स्थायी समिति को वह भंग कर नई बनाएं। स्थायी समिति सदस्य से संजय सिन्हा, साबिहा रानू और नजमा खातून हटाने की मेयर से मांग की है। इसके बदले नए पार्षदों को रखने का प्रस्ताव रखा है।

 

 

 

इधर सशक्त स्थायी समिति सदस्य संजय सिन्हा ने पार्षद हंसल सिंह पर पलटवार कर कहा कि यह मेयर की कैबिनेट है। समिति में कौन रहेगा या नहीं रहेगा, यह मेयर तय करेगी। जब तक मेयर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लेकर आती है तब तक इसे भंग नहीं किया जा सकता है। निगम कर्मी के बहकावे में आकर हंसल सिंह का सदस्यों पर आरोप लगाना तर्क संगत नहीं है। पार्षदों पर पकड़ है तो क्यों नहीं डिप्टी मेयर के दावेदार बन जाते।

 

मेयर सीमा साह ने कहा कि सभी पार्षद हमारे करीबी हैं। पार्षदों को कोई तकलीफ है तो उसे मिल बैठकर आपस में सुलझा लेंगे। शहर के विकास के लिए पार्षद एकजुट है। अगर कोई समस्या है तो बैठक कर समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। पार्षदों से लगातार संपर्क में है।

 

नजमा खातुन ने स्थायी समिति सदस्य से दिया इस्तीफा

वार्ड 40 की पार्षद नजमा खातून ने सशक्त स्थायी समिति के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा डिप्टी मेयर राजेश वर्मा और नगर आयुक्त को सौंपा है। जबकि मेयर सीमा साहा की अनुपस्थिति में उनके पीए को इस्तीफा पत्र दिया है। इस्तीफा के पीछे नजमा ने बीमार रहने और पारिवारिक कार्य का कारण बताया। उसका कहना है कि ब्लड प्रेशर और अस्वस्थ रहने के कारण वह अपना दायित्व नहीं निभा पा रही है। मेयर को हमारा समर्थन हमेशा मिलता रहेगा। इस संबंध में मेयर सीमा साहा ने बताया कि प्रधानमंत्री के जनसभा में शामिल होने के लिए देवघर आए हैं। इस्तीफा देने की जानकारी नहीं है। वो हमारे कैबिनेट की सदस्य हैं और बनी रहेंगी। देवघर से लौटने के बाद उन्हें मना लिया जाएगा।


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