शर्मनाक: हुई दुर्घटना, हो हल्ला, फिर मौत, लेकिन किसी को ये नही सूझी की ज़िंदा हैं अस्पताल ले चले


भागलपुर के मिरजानहाट के कमल नगर कॉलोनी गेट पर रविवार सुबह सवा सात बजे बेकाबू टाटा इंडिका कार ने पॉलिटेक्निक प्रवेश की परीक्षा देने आए दो छात्रों को एग्जाम सेंटर के बाहर कुचल दिया। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण एक छात्र ने दम तोड़ दिया, जबकि घायल दूसरा छात्र इलाज के बाद अपने घर चला गया।

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मदद की आस में बैठा दीपक समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सका और मौत हो गई।

 

दोनों छात्रों को कुचलने के बाद कार दुकान में घुस गई। हादसे के बाद युवक को अस्पताल पहुंचाने के बजाए लोग हंगामा और तोड़फोड़ करने में व्यस्त हो गए। कार चालक घायल युवक को अस्पताल पहुंचाना चाहता था, लेकिन परीक्षार्थी व स्थानीय लोगों ने कार में तोड़फोड़ कर उसे सड़क पर पलट दिया। कार सवार दो युवकों की जमकर पिटाई भी कर दी। इस हंगामे के बीच घायल छात्र ई-रिक्शा पर बेसुध बैठा रहा। पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों कार सवार युवकों की जान बच सकी। पुलिस ने घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।

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स्थानीय लोगों ने कार में तोड़फोड़ किया।

 

 

मृतक दीपक कुमार (17 वर्ष) बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाने के बड़का ढकाईंच गांव का रहने वाला था। जबकि जख्मी छात्र प्रकाश कुमार औरंगाबाद जिले के नवीनगर थाना क्षेत्र के कनकेर बढ़ेम गांव का रहने वाला है। छात्रों की परीक्षा मिरजानहाट के एसएम गर्ल्स इंटर स्कूल में थी और दोनों सड़क किनारे खड़े होकर सेंटर खुलने का इंतजार कर रहे थे। दीपक के मामा अशोक कुमार सिंह आसनसोल से भागलपुर पहुंचे। पोस्टमार्टम करा पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। दीपक के पिता मुन्ना सिंह नोएडा के गोल्फ मैदान में काम करते हैं। वह बक्सर के इंटर कॉलेज, डुमरांव में आईएसी का छात्र था।

 

स्थानीय लोगों ने कार में तोड़फोड़ कर उसे सड़क पर पलट दिया

 

अस्पताल पहुंचाना चाहते थे कार सवार
हादसे के बाद एग्जाम सेंटर के बाहर खड़े छात्रों ने कार को घेर लिया और उसमें सवार ड्राइवर आशीष कुमार (सिकंदरपुर) और आलोक झा (टेकानी, रजौन) की पिटाई करने लगे। ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी दीपक को लेकर डॉक्टर के पास ले जाना चाह रहा था। लेकिन भीड़ ने दोनों को वहां से जाने नहीं दिया। गाड़ी में तोड़फोड़ कर उसे उलट दिया और उसकी चाबी भी निकाल ली। इस कारण समय पर दीपक को इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।

 

 

जख्मी छात्र को ई-रिक्शा पर बैठा दिया गया, लेकिन कोई उसे अस्पताल पहुंचाने वाला नहीं था। सभी लोग हंगामा और तोड़फोड़ में व्यस्त थे। करीब 15 मिनट बाद पुलिस आई तो भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद इशाकचक निवासी रितेश कुमार के सहयोग से पुलिस ने दीपक को मायागंज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


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