15 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में एक और इतिहास रच सकते हैं गृह मंत्री अमित शाह!


अभी अभी हाल ही में कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद गृह मंत्री एक और इतिहास रच सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अमित शाह 14 अगस्त की शाम को श्रीनगर के लिए रवाना हो सकते हैं और वहां 15 अगस्त को 73वां स्वतंत्रत दिवस मना सकते हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इस बार 15 अगस्त के मौके पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। इस मौके पर अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी इसका समर्थन किया है।

Advertisements

बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करके दोनों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया था। अगर केंद्रीय मंत्री अमित शाह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल चौक जाकर तिरंगा फहराते हैं तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का दूसरा ऐतिहासिक कदम होगा। श्रीनगर के बाद अमित शाह 16 और 17 अगस्त को लद्दाख के दौरे पर रहेंगे।

Advertisements

तब मोदी ने धमकियों के बावजूद फहराया था लाल चौक पर तिरंगा
रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र 15 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आंतरिक चर्चा कर रहा है। नैशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर अजीत डोभाल भी इस समय घाटी का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से धमकियां मिलने के बावजूद 26 जनवरी 1992 को तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने में सफल रहे थे।

बता दें कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1948 में लाल लौक पर पहली बार तिरंगा फहराया था, तभी से इस जगह का महत्व और अधिक बढ़ गया था। उधर, एनसीपी नेता मजीद मेमन ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद श्रीनगर में तिरंगा फहराने के विचार का विरोध किया है।मेमन ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने कश्मीरियों पर अपना फैसला थोपा है चाहे उन्हें पसंद हो या न पसंद हो।’ उन्होंने कहा कि कश्मीरियों की बात को भी सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अमित शाह को सबकुछ करने की इतनी जल्दी क्यों है?’

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने लाल चौक पर तिरंगा फहराए जाने के फैसले का समर्थन किया है। बता दें कि संसद में आर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध करने के बाद जेडीयू दो अलग धड़ों में बंट गई थी। पार्टी के कई नेता नीतीश कुमार के पक्ष से नाराज थे। इसके बाद नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने दो टूक कहा था कि अब यह कानून बन गया है और कानून पूरे देश में लागू होता है। ऐसे में हम सभी को इसका पालन करना चाहिए। सिंह ने कहा था कि अब इस मुद्दे पर हम सभी को केंद्र सरकार के साथ होना चाहिए।
साभार:NBT


Like it? Share with your friends!

0

Comments 0

Your email address will not be published. Required fields are marked *

15 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में एक और इतिहास रच सकते हैं गृह मंत्री अमित शाह!

log in

Become a part of our community!

reset password

Back to
log in
Bitnami