भागलपुर संस्कार होटेल में तेज़ाब पिलाया गया और थानेदार कह रहे “अरे!! ग़लती से हो गया”, जानकारी भी हैं आपलोगों को इसकी ??


नमस्कार!

 

भागलपुर के संस्कार होटल में एक अति दर्दनाक कांड हुआ हैं, युवक को शुद्ध जल लिखे हुए एक दम नए बोतल में खौलता तेज़ाब रख कर पिला दिया हैं. युवक उस वक़्त से ही ख़ून की उल्टियाँ कर रहा हैं, उसका फेफड़ा जल चुका हैं, शादीशुदा हैं और उसके ऊपर पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ भी.

 

ये हैं पूरा मामला:

शहर के दवाई पट्टी लेन स्थित संस्कार हाेटल में पानी की जगह तेजाब रखा था। प्यास लगने पर जब एक लड़के ने पिया ताे उसके शरीर का अंदरूनी हिस्सा जल गया। सिलीगुड़ी के एक अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस मामले में हाेटल के मालिक अाैर मैनेजर पर काेतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुअा है। लड़के की मां ने अाराेप लगाया है कि उसके बेटे काे जानबूझ कर तेजाब पिला दिया।

ईशीपुर थाना क्षेत्र के राजकुमार बिहारी की पत्नी सरिता देवी ने प्राथमिकी में कहा है कि 11 सितंबर काे उनके पति काे पेरालाइसिस अटैक हाे गया था। उन्हाेंने शहर के दाे डाॅक्टराें काे पति काे दिखाया था। डाॅक्टर के यहां से डिस्चार्ज हाेकर उसने 14 सितंबर से हाेटल संस्कार के रूम नंबर 101 में ठहरे। उनलाेगाें के साथ उनका पुत्र रंधीर कुमार उर्फ पप्पू भी था। उनका दूसरा बेटा रीशु व भतीजा पवन भी सहयाेग के लिए वहां अाता था। 16 सितंबर काे शाम पुत्र रंधीर काे प्यास लगी तो भतीजा पवन पानी लेने रूम से बाहर निकला। मैनेजर काे पानी के लिए अावाज लगाई तो मैनेजर ने काउंटर की अाेर इशारा किया। वहां एक बाेतल रखी थी।

 

 

रधीर ने जैसे ही बोतल खोलकर वह तरल पदार्थ मुंह में लिया, चारों और अचानक धुंआ फैल गया। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। बोतल में पानी की जगह तेजाब था। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने कहा कि उसके मुंह से लेकर फेफड़े तक काफी नुकसान हुआ है। अंदरुनी भाग 99 प्रतिशत तक झुलसने की बात कही.

 

उस पर शुद्ध जल लिखा था। पुत्र रंधीर ने जब यह पानी पिया तो उसे गले में भयानक जलन हाेने लगी। वह छटपटाने लगा। मुंह से खून निकलने लगा। रंधीर काे लेकर दूसरा बेटा रीशु व भतीजा पवन मायागंज अस्पताल पहुंचे। वहां से उसे सिलीगुड़ी रेफर कर दिया गया। इसी दौरान जीराेमाइल के मल्टी स्पेशलियटी हाॅस्पिटल में भी उसे दिखाया। वहां डाॅक्टराें ने कहा कि इसका फेफड़ा जल चुका है। वहां से भी उसे सिलीगुड़ी रेफर कर दिया गया। रंधीर सिलीगुड़ी के अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। उसके शरीर के अंदर का 99 फीसदी हिस्सा जल चुका है। डाॅक्टराें ने कहा है कि स्थिति काफी गंभीर है। उधर, होटल मालिक व मालकिन ने बताया कि बाजार से तेजाब खरीद कर लाए थे और काउंटर पर रखकर पैर धाेने गए थे। मैनेजर काे यह पता नहीं था कि इसमें तेजाब है। पानी समझ कर उसे ले जाने काे कह दिया।

भूलवश हुई है घटना : थानाध्यक्ष


काेतवाली थानाध्यक्ष अमर विश्वास ने बताया कि सरिता देवी के अावेदन पर पुलिस ने हाेटल के मैनेजर व मालिक पर केस दर्ज कर लिया है। हाेटल में दाे मैनेजर की ड्यूटी रहती है। जिस समय की घटना है उस समय विपिन कुमार नामक मैनेजर की ड्यूटी थी। लेकिन वह उस समय काउंटर पर माैजूद नहीं था। वह बाथरूम में था। किसी ने जबरन युवक काे तेजाब नहीं पिलाया है। ये सारी घटना भूलवश हुई है। हाेटल जाकर हर एंगल की जांच की है।

 

 

लेकिन ये सवाल कौन सुलझाएगा ?

  • बाहर में खुले में तेज़ाब की बिक्री बंद हैं और ख़रीदना ग़ैरक़ानूनी हैं
  • उतनी मात्रा में तेज़ाब क्यू ख़रीदा गया

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