What’s inside:

This article discusses the growth of the railway network in Bihar over the last 11 years, showcasing key statistics and future plans.


बिहार में रेल नेटवर्क ने पिछले 11 सालों में काफी बढ़ोतरी की है। 2013 में यहां रेलवे रूट की लंबाई 3,656 किलोमीटर थी, जो अब 2024 में बढ़कर 3,959 किलोमीटर हो गई है। यह बदलाव दिखाता है कि बिहार में लगातार रेल कनेक्टिविटी में सुधार हो रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, बिहार के रेल नेटवर्क में वृद्धि थोड़ी धीरे-धीरे हुई है। उदाहरण के लिए, 2014 में यह 3,639 किलोमीटर था, फिर 2016 में 3,731 किलोमीटर और 2022 में यह 3,825 किलोमीटर तक पहुंच गया। यह विस्तार लगातार बना रहा है, जिससे यात्री सुविधाओं में सुधार हुआ है।

इस वृद्धि से यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। नया नेटवर्क और दोहरीकरण से यात्रा आसान होगी। 2024 में, बिहार का रेल नेटवर्क देश के कुल नेटवर्क का लगभग 5.7 प्रतिशत है, लेकिन इसकी जनसंख्या घनत्व के कारण यहां रेल लाइनों पर ज्यादा दबाव है।

रेल विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार को अब नई रेल लाइनों पर ध्यान देना होगा, साथ ही मौजूदा मार्गों का विद्युतीकरण और गति क्षमता बढ़ानी होगी। इससे राज्य के अंदर यात्रा में आसानी होगी और पूर्वी भारत के व्यापारिक गलियारों को भी मजबूती मिलेगी।

बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने कहा कि रेल विस्तार केवल यात्री आवागमन के लिए नहीं है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना से भी जुड़ा है। नए रेल खंडों से रोजगार और बाजार तक पहुंच में सुधार होगा।



Summary:

  • बिहार में रेल नेटवर्क 11 सालों में 303 किलोमीटर बढ़ा है.

  • यह वृद्धि निरंतर और संतुलित रही है.

  • यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और यात्रा आसान होगी.

  • रेल विशेषज्ञों का सुझाव है कि बिहार को नई लाइनों पर ध्यान देना चाहिए.

  • रेल विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सकारात्मक असर डालेगा.



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