पटना रिंग रोड परियोजना के तहत कन्हौली-शेरपुर 6 लेन सड़क का निर्माण मानसून के बाद शुरू होने की उम्मीद है। यह सड़क पटना, सारण और वैशाली जिलों को जोड़ेगी और इसकी अनुमानित लागत 777.79 करोड़ रुपये है। NHAI फिलहाल एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया पर काम कर रहा है, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण का बचा हुआ काम पूरा किया जाएगा। इस सड़क के बनने से पटना शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
परियोजना की लागत और रूट से जुड़ी मुख्य जानकारी
कन्हौली-शेरपुर खंड की कुल लंबाई 9 किलोमीटर होगी जिसमें कन्हौली जंक्शन पर 1.5 किलोमीटर का रैंप भी शामिल है। इस परियोजना का खर्च केंद्र और बिहार सरकार 50-50 के अनुपात में मिलकर उठा रही हैं। राज्य सरकार ने अपनी हिस्सेदारी की राशि जारी करने पर सहमति दे दी है जिससे काम में आ रही रुकावट दूर हो गई है। यह सड़क शेरपुर से कन्हौली (NH-131G) के बीच बनेगी और पटना को अन्य जिलों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
जमीन अधिग्रहण और निर्माण का ढांचा
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 9 किलोमीटर (6 लेन) |
| शामिल जिले | पटना, सारण और वैशाली |
| जमीन अधिग्रहण | 187 एकड़ (11 गांव) |
| कुल संरचनाएं | 1 फ्लाईओवर, 4 पुल, 9 अंडरपास |
| मुआवजे के लिए राशि | ₹285 करोड़ |
| निर्माण की समय सीमा | 2 साल |
बिहटा और मनेर अंचल के 11 गांवों से जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है और किसानों को मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर कागजों की कमी को दूर किया जाए ताकि भुगतान में देरी न हो। NHAI के मुताबिक, पूरी रिंग रोड को 2028 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और कन्हौली में एक बड़ा जंक्शन विकसित किया जाएगा जो विभिन्न मार्गों को जोड़ेगा।

