बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। इसे सम्राट मॉडल के रूप में जाना जा रहा है जिसमें अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों और माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को कार्रवाई के लिए पूरी आजादी दी गई है। राज्य में शांति स्थापित करने के लिए पुलिस प्रशासन अब सक्रिय मोड में नजर आ रहा है।
माफियाओं और अपराधियों की पहचान के लिए विशेष अभियान
पुलिस प्रशासन ने राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय 1,200 से अधिक अपराधियों की सूची तैयार की है। इनमें से 400 प्रमुख अपराधियों के खिलाफ कोर्ट में जरूरी दस्तावेज जमा किए गए हैं ताकि उनकी संपत्ति और अवैध कमाई पर रोक लगाई जा सके। सम्राट चौधरी ने शराब, बालू और जमीन माफिया को मुख्य रूप से निशाने पर लिया है। अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने के लिए पुलिस एनकाउंटर और अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और आधुनिक तकनीक का उपयोग
- राज्य के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है
- इमरजेंसी डायल 112 सेवा की पहुंच को तेज कर रिस्पॉन्स टाइम 8 से 10 मिनट तय किया गया है
- स्कूलों और कॉलेजों के आसपास छेड़खानी रोकने के लिए विशेष बाइक गश्त शुरू की गई है
- पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त करने का कड़ा नियम बनाया गया है
- अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों को तुरंत जब्त कर उनकी नीलामी करने के निर्देश दिए गए हैं
- ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए साइबर सेल और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा रहा है

