बिहार में रहने वालों के लिए बिजली के बिल को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने बिजली कंपनियों की उस अर्जी को खारिज कर दिया है जिसमें 35 पैसे प्रति यूनिट दाम बढ़ाने की बात कही गई थी। इसका सीधा मतलब है कि 1 अप्रैल से आपकी जेब पर बिजली का बोझ नहीं बढ़ेगा, बल्कि सही समय पर बिजली इस्तेमाल करके आप पैसे बचा भी सकेंगे। आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी और सदस्यों ने यह फैसला कंपनियों के पास सरप्लस रेवेन्यू होने के आधार पर लिया है।

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1 अप्रैल से बिजली बिल में क्या-क्या बदलने वाला है?

बिहार में 1 अप्रैल 2026 से 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ प्रणाली शुरू होगी। इसमें दिन के समय को ‘हैप्पी आवर्स’ कहा गया है, जो सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इस दौरान बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं को 20% की बड़ी छूट मिलेगी। यानी अगर आप दोपहर में वाशिंग मशीन या कूलर चलाते हैं, तो आपका बिल काफी कम आएगा। हालांकि, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली का रेट 10% से 20% तक महंगा रहेगा, क्योंकि यह पीक आवर होता है। रात के समय दरें सामान्य रहेंगी।

किन उपभोक्ताओं को मिलेगा सस्ते बिल और स्लैब बदलाव का फायदा?

शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अब दो स्लैब की जगह सिर्फ एक ही स्लैब होगा, जिससे 100 यूनिट से ज्यादा खपत करने वालों को प्रति यूनिट 1.53 रुपये तक की सीधी बचत होगी। इसके अलावा, राज्य में 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह ही मिलती रहेगी। व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी फिक्स्ड चार्ज में कटौती की गई है ताकि छोटे व्यापारियों को सहारा मिल सके। मशरूम की खेती करने वाले किसानों को अब कृषि श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें महंगी कमर्शियल बिजली से छुटकारा मिलेगा।

कैटेगरी पुराना फिक्स्ड चार्ज नया फिक्स्ड चार्ज कुल राहत
शहरी गैर-घरेलू (0.5 kW) 200 रुपये 150 रुपये 50 रुपये की बचत
छोटे उद्योग (श्रेणी-1) 288 रुपये/kV 278 रुपये/kV 10 रुपये की बचत
छोटे उद्योग (श्रेणी-2) 360 रुपये/kV 350 रुपये/kV 10 रुपये की बचत
शहरी व्यावसायिक दर 1.20 रुपये प्रति यूनिट कमी
ग्रामीण व्यावसायिक दर 42 पैसे प्रति यूनिट कमी

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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