बिहार में मौसम ने अपनी करवट बदल ली है और अगले 48 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पटना ने 29 मार्च से 31 मार्च 2026 तक के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। राज्य के 12 जिलों में विशेष रूप से येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि 31 मार्च को पूरे बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का सक्रिय होना है।
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किन जिलों में दिखेगा आंधी और बारिश का ज्यादा असर
मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों को लेकर चेतावनी साझा की है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रभावित होने वाले मुख्य जिलों की जानकारी नीचे दी गई है:
- सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में मेघ गर्जन की संभावना है
- पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में भारी बारिश का अनुमान है
- कटिहार, भागलपुर और बांका में तेज हवाएं चलेंगी
- मुंगेर, जमुई और खगड़िया में वज्रपात का अलर्ट है
पटना और गया जैसे पश्चिमी इलाकों में मौसम फिलहाल सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन शाम के समय अचानक बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश देखी जा सकती है। पिछले 24 घंटों में अररिया के रानीगंज में सबसे अधिक 50.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
मौसम वैज्ञानिक संजय कुमार ने बताया कि यह प्री-मानसून सीजन की सामान्य गतिविधि है। हालांकि, वज्रपात और तेज हवाओं से जान-माल का नुकसान हो सकता है। प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुझाव जारी किए हैं:
| विषय | जारी निर्देश |
|---|---|
| खेती-किसानी | अगले 3 दिनों तक फसलों की सिंचाई बंद या कम रखें |
| फसल सुरक्षा | कटी हुई फसलों को छायादार और सुरक्षित स्थानों पर रखें |
| आम सुरक्षा | बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाएं |
| हवा की गति | 31 मार्च को हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है |
आम, लीची और गेहूं की तैयार फसलों को इस मौसम से नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। पटना में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है लेकिन आसमानी बिजली का खतरा बरकरार है।

