बिहार ने जीएसटी वसूली में अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया है। सरकार के वाणिज्यकर विभाग ने कर संग्रह में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बड़े राज्यों की श्रेणी में कुल संग्रहण वृद्धि दर के आधार पर बिहार चौथे पायदान पर पहुंच गया है। राज्य की यह सफलता पिछले कुछ सालों में कर प्रशासन में किए गए सुधारों और बेहतर निगरानी का नतीजा है।

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बिहार में टैक्स कलेक्शन में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बिहार ने सभी नकद संग्रह के मामले में 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत 6.4 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। कर्नाटक के बाद बिहार इस श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा है। राज्य का आंतरिक राजस्व संग्रह लगभग 56,000 करोड़ रुपये रहा है। वाणिज्यकर विभाग के अनुसार, राज्य जीएसटी में 9.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

विवरण आंकड़े
कुल नकद संग्रह वृद्धि 10.60 प्रतिशत
राष्ट्रीय औसत वृद्धि 6.4 प्रतिशत
राज्य जीएसटी (SGST) संग्रह 32,077.22 करोड़ रुपये
टैक्स देने वाले कुल करदाता 6.54 लाख

व्यापारी और आम जनता पर क्या होगा असर

वाणिज्यकर विभाग के आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि सीमेंट और रोजमर्रा के सामानों पर टैक्स की दरें कम होने के बावजूद राजस्व बढ़ा है। विभाग अब व्यापारियों के लिए Amnesty Scheme लाने जा रहा है। इसमें जीएसटी लागू होने के शुरुआती तीन सालों के बकाया टैक्स पर ब्याज और जुर्माने से छूट मिलेगी। इससे छोटे और बड़े व्यापारियों को अपनी पुरानी कर देनदारी निपटाने में बड़ी मदद मिलेगी और राजस्व में भी सुधार होगा।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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