बिहार में भीषण गर्मी और लू का खतरा मंडराने लगा है जिसे देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हाल ही में पटना में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जिसमें संभावित लू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अप्रैल और मई के महीने में तापमान में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है जिससे आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका है।

लू और गर्मी को लेकर क्या है सरकारी निर्देश

बैठक के दौरान प्राधिकरण ने राज्य के विभिन्न विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मुख्य रूप से जल संकट से निपटने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत न होने दें। साथ ही अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं और जरूरी सुविधाओं का विशेष इंतजाम रखने को कहा गया है।

आगामी दिनों के लिए मुख्य अपडेट और रणनीति

  • तापमान में वृद्धि: अप्रैल और मई के दौरान राज्य के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है।
  • जागरूकता अभियान: आम लोगों को लू से बचाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और बचाव के तरीके बताए जाएंगे।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: Heatstroke और निर्जलीकरण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
  • समीक्षा बैठक: विभाग की ओर से की गई तैयारियों की प्रगति की जांच करने के लिए 15 अप्रैल को फिर से उच्चस्तरीय बैठक होगी।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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