बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अपने बजट की 100 प्रतिशत राशि खर्च कर दी है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सरकार ने कुल 3.17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं. यह राशि बिहार के विकास और जनता को दी जाने वाली सुविधाओं पर खर्च की गई है. बजट का पूरा इस्तेमाल होने से राज्य के वित्तीय प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखा गया है.
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इन योजनाओं पर खर्च हुआ सबसे ज्यादा पैसा
बिहार सरकार ने इस बार बजट का बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा और बिजली बिल में राहत देने के लिए इस्तेमाल किया है. सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में बढ़ोतरी की है, जिससे बुजुर्गों और जरूरतमंदों को फायदा मिला है. इसके साथ ही, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के फैसले ने बजट के एक बड़े हिस्से को कवर किया है. इन योजनाओं के कारण आम जनता को सीधा आर्थिक लाभ मिला है.
छात्रों और अन्य योजनाओं पर क्या प्रभाव पड़ा
बजट की पूरी राशि पेंशन और बिजली जैसी योजनाओं में खर्च होने के कारण कुछ अन्य क्षेत्रों में फंड की कमी आई है. इससे बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए दी जाने वाली राशि पर रोक लगा दी गई है. इस फैसले से उन छात्रों पर असर पड़ा है जो अपनी पढ़ाई के लिए इस योजना के भरोसे थे. सरकार का पूरा ध्यान वर्तमान में चल रही सामाजिक सुरक्षा वाली योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने पर रहा है.

