पटना और आरा के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कोइलवर में सोन नदी पर मौजूदा रेल पुल के समानांतर एक नया डबल-लाइन रेलवे ब्रिज बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। पूर्व मध्य रेलवे ने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। इस नए निर्माण से ट्रेनों के परिचालन में लगने वाले समय में काफी बचत होने की उम्मीद है।
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कोइलवर रेल पुल प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं क्या हैं
इस नई परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वर्तमान में कोइलवर पुल पर केवल दो लाइनें होने की वजह से ट्रैफिक का दबाव बना रहता है, लेकिन नया पुल बनने के बाद क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
- परियोजना की लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 3500 करोड़ से 4000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
- ट्रेनों की क्षमता: नए और पुराने पुल को मिलाकर एक ही समय में तीन ट्रेनें सोन नदी को पार कर सकेंगी।
- विस्तारीकरण: यह पुल डीडीयू जंक्शन से झाझा के बीच बिछाई जाने वाली तीसरी और चौथी लाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- वर्तमान स्थिति: पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट इसी महीने रेलवे बोर्ड को सौंपी जा सकती है।
इस नए पुल से यात्रियों और रेल ट्रैफिक पर क्या असर पड़ेगा
हावड़ा-पटना-डीडीयू रेल खंड पूर्वी भारत का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। इस खंड पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का भारी दबाव रहता है। नया डबल लाइन पुल बनने से इस रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और उनकी औसत गति में सुधार होगा। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां पहले ही शुरू कर दी थीं और जुलाई 2025 में ही पुल के आसपास के इलाकों से अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी कर दिए गए थे। चूंकि इस प्रोजेक्ट की लागत काफी अधिक है, इसलिए रेलवे बोर्ड के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट से भी अंतिम मंजूरी लेनी होगी। इसके तैयार होने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच रेल संपर्क और भी मजबूत हो जाएगा।

