बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हेली-टूरिज्म सेवा शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत अब पर्यटकों को सड़क मार्ग के लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी और वे पटना से सीधे बोधगया, राजगीर और नालंदा जैसे प्रमुख स्थलों तक हवाई सफर कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है और जल्द ही निजी कंपनियों के साथ 5 साल का करार किया जाएगा।
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किन शहरों के लिए मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा और क्या है प्लान
पर्यटकों को पटना से राज्य के आठ प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक ले जाने की योजना है। नागरिक उड्डयन विभाग और पर्यटन विभाग इस प्रोजेक्ट पर मिलकर काम कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर ऑपरेटर कंपनियों का चयन ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ के माध्यम से किया जाएगा।
- गंतव्य: पटना से बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैशाली, पटना साहिब, पावापुरी, विक्रमशिला और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को जोड़ा जाएगा।
- क्षमता: एक हेलीकॉप्टर में एक बार में 5 से 6 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी।
- बुनियादी ढांचा: पर्यटन स्थलों के पास नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। सारण के सोनपुर और भागलपुर के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की भी योजना है।
पर्यटकों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा सीधा फायदा
इस सेवा का सबसे बड़ा उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना है। जो सफर सड़क मार्ग से घंटों में पूरा होता था, वह अब कुछ ही मिनटों में तय हो सकेगा। इससे विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों और वरिष्ठ नागरिकों को बहुत सुविधा होगी। 7 अप्रैल 2026 की जानकारी के अनुसार, सरकार ने इसके लिए ईओआई आमंत्रित कर लिए हैं।
पिछली बार दिसंबर 2023 में गया एयरपोर्ट से हवाई पर्यटन सेवा की शुरुआत हुई थी। अब पटना को मुख्य केंद्र बनाकर इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। इस पहल से बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। चयनित कंपनी के साथ 5 साल का अनुबंध किया जाएगा जिसे बाद में बढ़ाया भी जा सकता है।

