उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई. पावर कॉर्पोरेशन के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक संविदाकर्मी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी बिजली चोरी के एक मामले को निपटाने और जुर्माने की रकम कम करने के लिए की गई थी, जिसमें पहले ₹70,000 की मांग की गई थी.
कैसे हुई गिरफ्तारी?
विजिलेंस टीम, जो आगरा से आई थी, ने बुधवार, 21 जनवरी, 2026 को शिकोहाबाद क्षेत्र में यह कार्रवाई की. टीम ने जूनियर इंजीनियर राजेश पाल और संविदाकर्मी मुन्नेश कुमार को ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा. यह पूरी कार्रवाई नौशहरा बिजली सबस्टेशन या भूड़ा भरथना गांव में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) कैंप के दौरान की गई.
किस मामले में मांगी जा रही थी रिश्वत?
जानकारी के अनुसार, यह रिश्वत बिजली चोरी के एक पुराने मामले को निपटाने के लिए ली जा रही थी. जेई राजेश पाल ने इस मामले में जुर्माने की रकम को कम करने का वादा किया था. शुरू में उसने ₹70,000 की मांग की थी, लेकिन बाद में ₹40,000 में मामला निपटाने पर सहमति बनी, जिसके बाद एंटी-करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया.
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई
फिरोजाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है. पावर कॉर्पोरेशन जैसे विभागों में इस तरह की गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि सरकार और एंटी-करप्शन एजेंसियां ऐसे मामलों पर सख्ती से निगरानी रख रही हैं. इस गिरफ्तारी से बिजली विभाग के कर्मचारियों में भी एक संदेश गया होगा कि ऐसे मामलों में अब कड़ी कार्रवाई हो रही है.
