मोकामा के विधायक और कद्दावर नेता Anant Singh को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जमानत देने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद अब Anant Singh के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह अगले 48 घंटों के भीतर बेऊर जेल से रिहा हो सकते हैं।
क्यों मिली Anant Singh को जमानत?
Anant Singh को अक्टूबर 2025 में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सुनवाई के दौरान बिहार के DGP Vinay Kumar का बयान काफी अहम रहा। DGP ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं बल्कि कार्डियक और रेस्पिरेटरी फेल्योर की वजह से हुई थी। कोर्ट में Anant Singh के वकील Kumar Harshvardhan ने दलील दी कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष की वजह से बनाया गया है और इसमें कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी।
इस मामले से जुड़े मुख्य घटनाक्रम क्या थे?
- 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की मौत हुई थी।
- Anant Singh को 1 नवंबर को इस मामले में गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेजा गया था।
- 20 नवंबर 2025 को MP-MLA कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
- पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर घोषवरी और भदौर थाना के SHO को सस्पेंड किया था।
- Anant Singh ने हमेशा खुद को बेगुनाह बताया और इसे छवि खराब करने की कोशिश करार दिया।
मोकामा की राजनीति पर क्या होगा असर?
Anant Singh की रिहाई की खबर मिलते ही मोकामा के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद यह इलाका लगातार चर्चा में रहा है। Anant Singh ने जेल में रहते हुए भी अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी थी। अब उनके बाहर आने से समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनकी रिहाई से आने वाले समय में क्षेत्र के समीकरण बदल सकते हैं।

