बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान को लेकर बड़ी खबर है। राज्य में अब बिजली बिल की गणना ‘टाइम ऑफ डे’ यानी ToD टैरिफ के आधार पर की जाएगी। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के फैसले के बाद अब उपभोक्ताओं को समय के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा। यह नई व्यवस्था सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और शाम के समय बिजली के ग्रिड पर लोड कम करने के लिए 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है।
👉: पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब पीने से युवक की मौत, दो अन्य की हालत गंभीर।
किस समय कितनी लगेगी बिजली और क्या है नया रेट चार्ट
नए नियमों के तहत बिजली की दरों को तीन अलग-अलग समय के अनुसार तय किया गया है। दिन के समय जब सौर ऊर्जा भरपूर होती है, तब बिजली सस्ती मिलेगी। वहीं शाम को जब खपत सबसे ज्यादा होती है, तब दरें बढ़ा दी गई हैं।
| समय अवधि | रेट में बदलाव | शहरी घरेलू दर (प्रति यूनिट) |
|---|---|---|
| सुबह 9 से शाम 5 बजे तक | 20% की कटौती (सस्ती) | ₹2.30 |
| शाम 5 से रात 11 बजे तक | 10% से 20% की बढ़ोतरी (महंगी) | ₹4.61 |
| रात 11 से सुबह 9 बजे तक | सामान्य दर (कोई बदलाव नहीं) | ₹3.87 |
किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर और कैसे होगी बचत
ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम मुख्य रूप से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले ग्राहकों और 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले व्यावसायिक कनेक्शनों पर लागू होगा। आम लोगों को अपनी आदतें बदलकर बिल कम करने का मौका मिलेगा।
- स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले सभी घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर यह नियम लागू होगा।
- खेती-किसानी से जुड़े कृषि उपभोक्ताओं को इस नई टैरिफ व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
- वॉशिंग मशीन, गीजर और मोटर जैसे भारी उपकरण दिन में 9 से 5 के बीच चलाने पर बिल में बचत होगी।
- सरकार की 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली वाली सब्सिडी योजना पहले की तरह जारी रहेगी।
- पीक आवर्स यानी शाम के समय इंडक्शन चूल्हे और भारी मशीनों का उपयोग करने पर ज्यादा पैसा देना होगा।
- शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को शाम के समय प्रति यूनिट ₹4.61 का भुगतान करना होगा।

