बिहार सरकार ने राज्य में पायलट ट्रेनिंग को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब पायलटों की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले Cessna 172R विमानों में ADS-B सक्षम ट्रांसपोंडर लगाए जाएंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस तकनीक के आने से विमानों की रियल टाइम लोकेशन को ट्रैक करना काफी आसान हो जाएगा।

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ट्रेनिंग में तकनीक का महत्व और लाभ

इस नई तकनीक का मुख्य उद्देश्य हवाई यातायात की निगरानी में सुधार करना और प्रशिक्षु पायलटों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। इससे छात्रों को उड़ान संचालन की बारीकियों को समझने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम बिहार में विमानन क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाएगा।

  • विमानों की सटीक लोकेशन की जानकारी हर समय मिलेगी
  • ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा मानकों में काफी सुधार होगा
  • प्रशिक्षु पायलटों को आधुनिक ट्रैकिंग तकनीक का अनुभव मिलेगा
  • उड़ान संचालन की जटिलताओं को समझना पहले से आसान होगा

परियोजना से जुड़ी मुख्य बातें

यह फैसला नागरिक उड्डयन विभाग और राज्य मंत्रिमंडल के सहयोग से लिया गया है। इस आधुनिकीकरण के बाद बिहार के प्रशिक्षु पायलट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार निवेश कर रही है ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे।

मुख्य विषय जानकारी
विमान का प्रकार Cessna 172R
तकनीक का नाम ADS-B सक्षम ट्रांसपोंडर
मंजूरी राज्य मंत्रिमंडल बिहार
अपडेट की तारीख 6 अप्रैल 2026

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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