बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से गायब रहे कांग्रेस विधायक Surendra Kushwaha अब बिहार सरकार के मंत्री Ashok Choudhary के आवास पर पहुंचे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विधायक ने अपनी पार्टी से नाराजगी जाहिर की है. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि सुरेंद्र कुशवाहा जल्द ही पाला बदल सकते हैं.
राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से क्यों गायब रहे विधायक?
16 मार्च 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक वोटिंग से दूर रहे थे. इनमें वाल्मीकिनगर से विधायक Surendra Kushwaha, मनोहर प्रसाद सिंह और मनोज विश्वास शामिल थे. इनके साथ RJD विधायक फैसल रहमान भी मतदान के समय उपलब्ध नहीं थे. इन विधायकों की अनुपस्थिति की वजह से महागठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा और NDA ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की.
पार्टी की कार्रवाई और विधायक की नाराजगी के मुख्य कारण
- अनुशासनात्मक कार्रवाई: कांग्रेस की अनुशासन समिति ने वोटिंग से गायब रहे तीनों विधायकों से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा था.
- उम्मीदवार पर सवाल: गायब विधायकों ने महागठबंधन के उम्मीदवार के चयन पर अपनी असहमति जताई थी.
- प्रदेश अध्यक्ष पर आरोप: सुरेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने ही उन्हें वोटिंग न करने की सलाह दी थी, हालांकि राजेश राम ने इन दावों को गलत बताया है.
- मंत्री से मुलाकात: 29 मार्च 2026 को सुरेंद्र कुशवाहा का JDU मंत्री अशोक चौधरी के घर पहुंचना उनके भविष्य के राजनीतिक कदम की ओर इशारा करता है.

