भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार 27 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अब उन्हें अपनी पुरानी सीट छोड़नी होगी। संवैधानिक नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को निर्वाचन के 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता त्यागनी पड़ती है। नितिन नवीन का राज्यसभा में नया कार्यकाल अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है।

इस्तीफे के पीछे क्या है संवैधानिक नियम?

नितिन नवीन 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 101(2) के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता है। इस नियम के तहत उन्हें राज्यसभा सदस्य चुने जाने की तारीख से 14 दिनों के भीतर इस्तीफा देना अनिवार्य है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया है कि 30 मार्च 2026 तक यह कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए नितिन नवीन ने 27 मार्च को इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।

बांकीपुर सीट पर उपचुनाव और संभावित चेहरे

नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो जाएगी। नियमों के मुताबिक किसी भी रिक्त सीट पर 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना जरूरी होता है। इस सीट पर उपचुनाव की संभावना को देखते हुए राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई है। बांकीपुर सीट के लिए अब कई प्रमुख नामों की चर्चा शुरू हो चुकी है।

संभावित उम्मीदवार पार्टी या संगठन
संजय मयूख भारतीय जनता पार्टी
पवन सिंह स्वतंत्र/अन्य
मनीष कश्यप जन सुराज
रेखा कुमारी आरजेडी
वंदना कुमारी जन सुराज

नितिन नवीन बांकीपुर से पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 26 मार्च को विधानसभा में अपना विदाई भाषण दिया था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान की सराहना की और सदन के सभी सदस्यों का आभार जताया। इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत का पालन करते हुए बिहार सरकार के मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया था।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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