दैनिक जागरण ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत और खान-पान की परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वाद बिहार का’ नामक एक विशेष संपादकीय श्रृंखला की शुरुआत की है। यह सीरीज 3 अप्रैल 2026 से पटना सिटी संस्करण में प्रकाशित हो रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के उन क्षेत्रीय स्वादों और कहानियों को उजागर करना है, जो नई फसलों और त्योहारों के दौरान हमारे जीवन को उत्सव में बदल देते हैं।
स्वाद बिहार का सीरीज में क्या होगा खास?
इस श्रृंखला के जरिए पाठकों को बिहार के पारंपरिक व्यंजनों के पीछे छिपी सांस्कृतिक और धार्मिक कहानियों को जानने का अवसर मिलेगा। दैनिक जागरण की यह पहल बिहार की पाक कला को केवल भोजन के रूप में नहीं, बल्कि एक विरासत के रूप में पेश करती है। इसमें बताया गया है कि कैसे बिहार में भोजन का सीधा संबंध लोगों की आस्था और मिट्टी से जुड़ा हुआ है।
इन मुख्य व्यंजनों पर केंद्रित होगी जानकारी
बिहार की रसोई में कई ऐसे व्यंजन हैं जो अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इस संपादकीय श्रृंखला में विशेष रूप से निम्नलिखित व्यंजनों पर ध्यान दिया गया है:
- लिट्टी चोखा: यह बिहार का सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक भोजन है।
- ठेकुआ: छठ महापर्व का प्रमुख प्रसाद और बिहार की पहचान।
- तिल तिलौरी: त्योहारों और विशेष अवसरों पर बनने वाले क्षेत्रीय स्वाद।
यह सीरीज आम लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक भोजन संस्कृति से अवगत कराने का काम करेगी। ये व्यंजन लोगों की विरासत और आस्था से जुड़ाव का एक बड़ा माध्यम हैं।

