बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की घड़ी करीब आ गई है और सत्ता परिवर्तन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तारीखें लगभग तय मानी जा रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे, जिसके लिए वह 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना हो सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद बिहार में नए नेतृत्व की कमान संभालने की तैयारी तेज हो गई है।
सत्ता परिवर्तन का पूरा टाइमलाइन क्या है?
बिहार में अगले कुछ दिन राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। आधिकारिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार के राज्यसभा शपथ ग्रहण और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है।
| तारीख | संभावित घटनाक्रम |
|---|---|
| 10 अप्रैल | नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे |
| 13 अप्रैल के बाद | मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार का इस्तीफा हो सकता है |
| 14 अप्रैल | बिहार को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री |
| 15 अप्रैल | बिहार में नई सरकार के गठन की संभावना है |
संविधान के नियम और नई सरकार का संभावित स्वरूप
नीतीश कुमार ने 30 मार्च 2026 को ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। संविधान के अनुच्छेद 101(2) के तहत राज्यसभा चुनाव की घोषणा के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल की सीट छोड़नी अनिवार्य होती है। वह देश के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल होने जा रहे हैं जो संसद और राज्य विधानमंडल के चारों सदनों के सदस्य रहे हैं।
- भाजपा का मुख्यमंत्री: चर्चा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा।
- जदयू की भूमिका: नई सरकार में जदयू की तरफ से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
- संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 164(4) के अनुसार कोई भी व्यक्ति विधानमंडल का सदस्य न होते हुए भी 6 महीने तक मुख्यमंत्री रह सकता है।
- आधिकारिक पुष्टि: विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह ने नीतीश कुमार का इस्तीफा पहले ही स्वीकार कर लिया है।

