पटना के मरीन ड्राइव को और भी सुंदर और हरा-भरा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4 अप्रैल 2026 को घोषणा की है कि अगले तीन महीनों के भीतर इस क्षेत्र में एक लाख नए पेड़ लगाए जाएंगे। यह कदम न केवल शहर की हरियाली बढ़ाएगा बल्कि इको-टूरिज्म को भी एक नई दिशा देगा। उपमुख्यमंत्री ने यह जानकारी मानव और वन्यजीव सह-अस्तित्व पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान साझा की।

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मरीन ड्राइव पर पौधारोपण को लेकर क्या है सरकार की बड़ी योजना?

सरकार ने मरीन ड्राइव के पास ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उपमुख्य मंत्री ने साफ किया कि राज्य में जहाँ भी विकास कार्यों के लिए पेड़ काटे जाते हैं वहाँ उससे अधिक नए पौधे लगाए जाते हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत दीघा से सभ्यता द्वार तक करीब 7 किलोमीटर के हिस्से को समग्र उद्यान योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए देशी प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी।

योजना का नाम मुख्य विवरण
कुल पौधों की संख्या 1,00,000 पेड़
पौधों की प्रजातियां पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन
ग्रीन कॉरिडोर की लंबाई 7 किलोमीटर (दीघा से सभ्यता द्वार)
कुल बजट (पहला चरण) लगभग 387 करोड़ रुपये
प्रमुख फोकस 90% क्षेत्र हरियाली और खुले स्थान के लिए

पटना वासियों को इस योजना से क्या फायदे होंगे?

इस योजना के तहत मरीन ड्राइव के किनारे एक बड़ा हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा जिससे लोगों को ताजी हवा और घूमने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। इसके साथ ही सरकार मरीन ड्राइव के पास एक विश्वस्तरीय एक्वेरियम बनाने और पटना में जल मेट्रो सेवा शुरू करने पर भी काम कर रही है। बिहार में वन क्षेत्र पिछले 20 वर्षों में 6 प्रतिशत से बढ़कर अब 15 प्रतिशत हो गया है। जेपी गंगा पथ का विस्तार अब बक्सर से फरक्का तक किया जाएगा जिसकी कुल लंबाई 125 किलोमीटर होगी।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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