पटना की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ी तैयारी की है। परिवहन विभाग ने जून 2026 तक शहर में 31 नई एसी इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा है। यह पहल बिहार में शुरू होने वाली कुल 340 नई एसी बसों की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। इन बसों के आने से आम यात्रियों को गर्मी और भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।
इन बसों की मुख्य खासियतें और परिचालन का तरीका क्या है?
बिहार परिवहन विभाग इस पूरी परियोजना का नेतृत्व कर रहा है और बसों का संचालन पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में किया जाएगा। इसका मतलब है कि सरकारी और निजी क्षेत्र मिलकर इस सेवा को चलाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन बसों को सीएनजी या इलेक्ट्रिक तकनीक से चलाया जाएगा ताकि शहर में प्रदूषण का स्तर कम रखा जा सके।
- इन बसों का मुख्य परिचालन जून 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।
- यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी जिसमें पटना के साथ गया और भागलपुर भी शामिल हैं।
- बीआरएसटीसी (BSRTC) के माध्यम से इन बसों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
- बसों के आने से ट्रैफिक के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
आम यात्रियों को इस नई सुविधा से क्या फायदा मिलेगा?
नई बसों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आम आदमी को सफर के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसमें सुरक्षा और सुविधा दोनों का ध्यान रखा गया है। यात्रियों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था होगी जिससे बस स्टैंड पर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा दैनिक यात्रियों के लिए मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
| सुविधा का नाम | विवरण |
|---|---|
| आरक्षित सीटें | दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं के लिए अलग सीट |
| डिजिटल डिस्प्ले | रूट नंबर और गंतव्य की जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी |
| निर्धारित स्टॉप | बसें केवल तय किए गए स्टॉप पर ही रुकेंगी |
| बुकिंग सुविधा | ऑनलाइन टिकट और मंथली पास का विकल्प |

