बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अमृत 2.0 योजना के तहत राज्य में पेयजल संकट को जड़ से खत्म करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार ने 2451.39 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 21 नई जलापूर्ति परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं का मुख्य मकसद शहरों के लाखों घरों तक स्वच्छ नल का पानी पहुंचाना और पुरानी पाइपलाइनों में होने वाली लीकेज को पूरी तरह रोकना है।
इन परियोजनाओं से आम जनता को क्या लाभ मिलेंगे?
इन योजनाओं के लागू होने से शहरी इलाकों में पानी की किल्लत काफी हद तक कम हो जाएगी। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUDCO) द्वारा इन प्रोजेक्ट्स का काम किया जा रहा है। पुराने और जर्जर हो चुके जल आपूर्ति नेटवर्क को बदलकर नया सिस्टम लगाया जाएगा। इससे न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी बल्कि लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा जिससे पानी से होने वाली बीमारियों में भी कमी आएगी। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि काम की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए और इन्हें समय पर पूरा किया जाए।
क्या है इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और बजट?
अमृत 2.0 मिशन के तहत इन 21 परियोजनाओं के लिए कुल 2451.39 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रभावी है। वर्तमान अपडेट के अनुसार, इनमें से 9 परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और 9 अन्य प्रोजेक्ट्स अभी टेंडर की प्रक्रिया में हैं। बाकी बचे हुए प्रोजेक्ट्स प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी के चरण में हैं। इस पूरी योजना की निगरानी राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है।
| योजना का नाम | मुख्य विवरण |
|---|---|
| कुल बजट | 2451.39 करोड़ रुपये |
| कुल प्रोजेक्ट्स | 21 जलापूर्ति परियोजनाएं |
| एजेंसी | बुडको (BUDCO) |
| मिशन अवधि | 2021 से 2025-26 तक |
| मुख्य लक्ष्य | हर घर नल का जल और लीकेज फ्री नेटवर्क |

