बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गंगा नदी पर 22,911 करोड़ रुपये की लागत से 8 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में गंगा नदी के 445 किलोमीटर के दायरे में केवल 7 पुल मौजूद हैं जिन्हें बढ़ाकर कनेक्टिविटी बेहतर करने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य हर 30 से 40 किलोमीटर पर एक पुल बनाना है ताकि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी कम हो सके। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में व्यापार और पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।

बिहार में गंगा पर बन रहे प्रमुख पुलों की सूची और लागत

राज्य में निर्माणाधीन और नए स्वीकृत पुलों की सूची के अनुसार कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें से कुछ परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कुछ पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

परियोजना का नाम लेन संख्या अनुमानित लागत
दीघा-सोनपुर (पटना) 6 लेन ₹3,064.45 करोड़
औंटा-सिमरिया (मोकामा) 6 लेन ₹1,871 करोड़
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन ₹3,472.42 करोड़
बक्सर-भरौली पुल 3 लेन ₹368 करोड़
विक्रमशिला सेतु समानांतर 4 लेन ₹995 करोड़

मोकामा का औंटा-सिमरिया पुल बनकर तैयार हो चुका है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में किया। वहीं पटना के दीघा और सोनपुर को जोड़ने वाले नए 6-लेन पुल को 42 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले पुल के लिए भी खंभों का निर्माण जारी है।

पटना के एलिवेटेड कॉरिडोर और भविष्य की अन्य सड़क योजनाएं

पटना में यातायात को सुगम बनाने के लिए कारगिल चौक से साइंस कॉलेज तक देश का पहला डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जून 2025 में इसका उद्घाटन किया था। इसके अलावा दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी अगस्त 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

  • पटना में सबसे ज्यादा 4 नए पुल गंगा नदी पर बनाए जा रहे हैं
  • मिथिलापुर-महुली 4-लेन एलिवेटेड रोड का उद्घाटन किया जा चुका है
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 703 नए पुलों के लिए ₹3,688 करोड़ मंजूर किए गए हैं
  • राज्य में 5 नए एक्सप्रेसवे और 12 अन्य पुलों के लिए ₹74,000 करोड़ का बजट पास हुआ है

केंद्र सरकार ने बिहार के सड़क नेटवर्क के लिए ₹33,464 करोड़ की अतिरिक्त राशि मंजूर की है जिससे 875 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण होगा। इन परियोजनाओं में नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्थान वित्तीय सहयोग कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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