बिहार सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है. उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने दावा किया है कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर राज्य में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान करना और करीब 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठकों में इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियों को मंजूरी दी गई है.

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बिहार में उद्योगों के लिए क्या हैं सरकारी सुविधाएं?

राज्य सरकार ने बड़ी कंपनियों और निवेशकों को बिहार की ओर आकर्षित करने के लिए ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025’ (BIIPP-2025) लागू किया है. इस नीति के तहत निवेशकों को जमीन और वित्तीय सहायता के मामले में कई बड़ी रियायतें दी जा रही हैं ताकि राज्य में मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किया जा सके.

श्रेणी प्रोत्साहन का विवरण
निशुल्क भूमि 100 करोड़ से अधिक निवेश और 1000 रोजगार देने पर 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन
रियायती भूमि BIADA की दर पर अन्य उद्योगों के लिए 50% तक की छूट
पूंजीगत सब्सिडी प्रोजेक्ट की कुल लागत पर 30% तक की सब्सिडी का प्रावधान
रोजगार सहायता प्रति श्रमिक 5000 रुपये प्रति माह और कौशल विकास के लिए 20,000 रुपये

औद्योगिक विकास के लिए सरकार के बड़े कदम क्या हैं?

बिहार को आधुनिक उद्योगों का केंद्र बनाने के लिए सरकार ने ‘बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026’ को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही पटना के फतुहा में गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर 242 एकड़ में ‘फिनटेक सिटी’ विकसित की जाएगी. बक्सर और अन्य क्षेत्रों में कोका-कोला और जेके सुपर सीमेंट जैसी कंपनियों ने काम शुरू कर दिया है, जबकि रिलायंस और अल्ट्राटेक ने भी जमीन आवंटित कराई है.

  • गया में 1670 एकड़ भूमि पर विशेष औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है.
  • राज्य के 24 जिलों में 13,343 एकड़ से अधिक जमीन औद्योगिक विकास के लिए अधिग्रहित की जा रही है.
  • निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को 14 वर्षों तक सालाना 40 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी.
  • छोटे विवादों के निपटारे के लिए ‘जन विश्वास अधिनियम’ लाया गया है ताकि व्यापारियों को कानूनी उलझनों से राहत मिले.
  • बिहार स्टार्टअप नीति के तहत युवाओं को 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन दिया जा रहा है.

मंत्री दिलीप जायसवाल के अनुसार उद्योग विभाग हर तीन महीने में अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करेगा. सरकार का मानना है कि इन नीतियों से बिहार पूर्वी भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को अब काम की तलाश में राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा.

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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