बिहार सरकार के वाणिज्य-कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व आंकड़े जारी कर दिए हैं। मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि इस साल राज्य ने जीएसटी, वैट और अन्य स्रोतों से कुल 43,324.79 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व जमा किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 4.09 प्रतिशत अधिक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार की जीएसटी विकास दर राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर रही है।
बिहार के राजस्व और जीएसटी संग्रह का पूरा डेटा
बिहार ने इस वित्तीय वर्ष में आर्थिक मोर्चे पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। राज्य में जीएसटी संग्रह में 9.20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है जबकि पूरे देश का औसत मात्र 6 प्रतिशत रहा। सरकार की ओर से जारी डेटा के अनुसार राजस्व की स्थिति इस प्रकार रही है।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल राजस्व संग्रह (2025-26) | ₹43,324.79 करोड़ |
| पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि | 4.09% |
| जीएसटी संग्रह में वृद्धि | 9.20% |
| राष्ट्रीय औसत जीएसटी वृद्धि | 6% |
| देश में बिहार का स्थान | चौथा (4th) |
किन राज्यों के बाद आता है बिहार का नंबर
वाणिज्य-कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर के मामले में बिहार अब देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। वृद्धि के मामले में बिहार से आगे केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे बड़े औद्योगिक राज्य हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बिहार में व्यापारिक गतिविधियां और कर अनुपालन में सुधार हुआ है। मंत्री ने इस प्रदर्शन को राज्य की आर्थिक सेहत के लिए बेहतर संकेत बताया है। विभाग अब आने वाले समय में इसे और बेहतर करने की योजना पर काम कर रहा है।

