बिहार सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत दी है। अब किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पंचायती राज विभाग ने पंचायत स्तर पर नई व्यवस्था लागू की है जिसके तहत महज 24 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।

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कैसे काम करेगी यह नई व्यवस्था और किसे मिली जिम्मेदारी

इस नई व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए पंचायत सचिवों को रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया है। वार्ड सदस्यों को स्थानीय श्मशान घाट और कब्रिस्तान का प्रभारी बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे मृत्यु की सूचना तुरंत पंचायत सचिव और प्रखंड मुख्यालय को दें। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने निर्देश दिया है कि वार्ड सदस्यों को आवश्यक प्रपत्र 02 और प्रपत्र 08 जल्द उपलब्ध कराए जाएं। विभाग ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल भी तैयार किया है जिससे काम की निगरानी की जाएगी।

देरी होने पर कितना देना होगा शुल्क और आवेदन का तरीका

अगर मृत्यु के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो इसके लिए विलंब शुल्क का प्रावधान किया गया है। सरकार ने दलालों पर रोक लगाने के लिए शुल्क की दरों में बदलाव किया है। यदि मृत्यु पंचायत क्षेत्र से बाहर हुई है तो प्रमाण पत्र जिला कार्यालय से प्राप्त करना होगा। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए भी यह सुविधा दी जाएगी जिससे लोग व्हाट्सएप या ईमेल पर सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे।

पंजीकरण का समय नया शुल्क (रुपये में)
21 दिनों के भीतर निशुल्क
31 से 365 दिन तक ₹50
एक वर्ष से अधिक होने पर ₹100

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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