बिहार पुलिस के लिए एक गौरवशाली खबर सामने आई है। राष्ट्रपति ने बिहार पुलिस को प्रेसिडेंट कलर अवार्ड से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह पुलिसिंग के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सबसे बड़ा सम्मान है। यह अवार्ड पुलिस बल की वीरता, अनुशासन और साल 1912 से अब तक की सेवा को देखते हुए दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव को इसकी आधिकारिक जानकारी दे दी है।
बिहार पुलिस को यह सम्मान किन मानकों पर मिला है?
बिहार पुलिस ने यह उपलब्धि कई कड़े मानकों को पूरा करने के बाद हासिल की है। इसमें राज्य में प्रभावी ढंग से चल रही डायल-112 सेवा, साइबर पुलिसिंग और पुलिस बल में महिलाओं के बेहतर अनुपात को आधार बनाया गया है। इसके अलावा अपराध पर नियंत्रण और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई ने भी बिहार पुलिस का दावा मजबूत किया। डीजीपी विनय कुमार के नेतृत्व में किए गए तकनीकी सुधारों और जनता के साथ बेहतर समन्वय को इस सम्मान की मुख्य वजह माना जा रहा है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| सम्मान का नाम | राष्ट्रपति का कलर अवार्ड (President’s Colour Award) |
| किसे मिला | बिहार पुलिस (DGP विनय कुमार के नेतृत्व में) |
| वर्दी पर बदलाव | बाईं आस्तीन पर निशान नामक विशेष बैज लगेगा |
| चयन के आधार | डायल-112, साइबर सेल और 1912 से अब तक की सेवा |
इस अवार्ड के बाद पुलिसकर्मियों की वर्दी में क्या बदलाव होगा?
इस सम्मान के मिलने के बाद अब बिहार पुलिस के हर सिपाही और अधिकारी की वर्दी में एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखेगा। पुलिसकर्मियों को अपनी वर्दी की बाईं आस्तीन पर एक खास बैज लगाने का मौका मिलेगा, जिसे निशान कहा जाता है। यह बैज उनकी बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतीक होगा। भारत में यह सम्मान किसी भी पुलिस बल को उसके पूरे इतिहास में केवल एक बार ही मिलता है। बिहार के साथ इस बार ओडिशा और सिक्किम पुलिस को भी यह गौरव प्राप्त हुआ है।

