बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े निवेश की तैयारी कर ली है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि जमुई में ₹6,000 करोड़ की लागत से एक आधुनिक स्टील प्लांट लगाया जाएगा। इसके साथ ही नवादा जिले के रजौली में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना और अगले पांच वर्षों में करीब 1 करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
जमुई और खगड़िया में स्टील प्लांट के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश
बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से हाल ही में कंपनी के निदेशक दीपक अग्रवाल ने मुलाकात की और राज्य में ₹6,000 करोड़ निवेश करने का प्रस्ताव रखा। इस निवेश के जरिए एक अल्ट्रा-मॉडर्न स्टील प्लांट तैयार किया जाएगा। हालांकि शुरुआत में इसके लिए जमुई का नाम सामने आया था, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने खगड़िया में भी स्टील प्लांट लगाने की बात कही है। सरकार ने निवेशकों को जमीन और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
नवादा के रजौली में बनेगा ₹20,000 करोड़ का परमाणु ऊर्जा प्लांट
बिहार को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवादा के रजौली में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की तैयारी है। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक का इस्तेमाल करेगी। इस 2,000 मेगावाट के प्लांट पर लगभग ₹20,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए बिहार सरकार NTPC और NPCIL के साथ मिलकर काम कर रही है। निर्माण कार्य 2027-28 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिससे पूरे क्षेत्र का आर्थिक कायाकल्प होगा।
बिहार में बड़े उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
राज्य में सिर्फ स्टील और परमाणु ऊर्जा ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी बड़े निवेश हो रहे हैं। हाल ही में बक्सर में कोका-कोला बॉटलिंग प्लांट और जेके सीमेंट यूनिट का उद्घाटन किया गया है, जिसकी लागत ₹1,700 करोड़ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए जिलों में करोड़ों की परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं। बिहार अब सेमीकंडक्टर पॉलिसी और डिफेंस कॉरिडोर जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि पलायन को रोका जा सके।

