बिहार सरकार ने गया जिले के विकास के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना की घोषणा की है। बोधगया से चाकंद के बीच फल्गु नदी के किनारे 16 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाया जाएगा। राज्य मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जैसवाल ने इस योजना का आधिकारिक ऐलान किया। इस मरीन ड्राइव के बनने से गया और बोधगया में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और पर्यटकों को आने-जाने में आसानी होगी।
गया मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट से आम जनता को क्या लाभ होगा?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य गया और बोधगया शहर में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम को कम करना है। मरीन ड्राइव बनने से यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें सफर के दौरान फल्गु नदी का सुंदर नजारा भी देखने को मिलेगा। डॉ. दिलीप कुमार जैसवाल ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी, जिससे स्थानीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
नदी के किनारे बनने वाले इस कॉरिडोर से मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों के नए अवसर भी खुलेंगे। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए साधन भी पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए गया की सूरत बदली जाए और इसे विश्व स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी को लेकर क्या है तैयारी?
- फल्गु नदी के किनारे 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा।
- यह मरीन ड्राइव सीधे बोधगया को चाकंद से जोड़ने का काम करेगा।
- क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों का भी चौड़ीकरण किया जाएगा ताकि आवाजाही आसान हो।
- इमामगंज से कोठी सलैया होते हुए पाकरी तक की एक लेन की सड़क अब दो लेन की होगी।
- इन परियोजनाओं के लिए बजट आवंटित कर दिया गया है और काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
- नदी के किनारे कॉरिडोर बनने से स्थानीय स्तर पर नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी।

