मुजफ्फरपुर से दरभंगा और जनकपुर रोड के बीच रेल यात्रा करने वालों के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने इन नई रेल परियोजनाओं के लिए 511 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मुजफ्फरपुर और दरभंगा के बीच लगने वाला समय लगभग आधा हो जाएगा जिससे हजारों यात्रियों को हर दिन फायदा होगा। वर्तमान में इन शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है।
मुजफ्फरपुर-दरभंगा नई रेल लाइन की क्या है तैयारी?
मुजफ्फरपुर से दरभंगा के बीच बनने वाली यह नई रेल लाइन लगभग 67.4 किलोमीटर लंबी होगी। इस लाइन के बनने से दोनों शहरों के बीच की रेल दूरी 91 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 67.4 किलोमीटर रह जाएगी। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने नवंबर 2024 तक इस प्रोजेक्ट का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा कर लिया था और अगस्त 2025 के बाद इसके निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। इस पूरी रेल लाइन को बनाने में लगभग 2,514 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
ट्रैक दोहरीकरण और जनकपुर रोड प्रोजेक्ट से लाभ
सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर और नरकटियागंज-दरभंगा रूट पर ट्रैक दोहरीकरण का काम भी तेजी से किया जा रहा है। यह 256 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है जिसके बिहार वाले हिस्से पर 4,553 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जनकपुर रोड स्टेशन इसी खंड का हिस्सा है जिससे नेपाल और उत्तर-पूर्व भारत के लिए मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में लगभग 10.6 मिलियन मानव-दिवस का रोजगार पैदा होने और माल ढुलाई क्षमता में 31 मिलियन टन की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
| प्रोजेक्ट का विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नई रेल लाइन की लंबाई | 67.4 किलोमीटर |
| मुजफ्फरपुर-दरभंगा पुरानी दूरी | 91 किलोमीटर |
| कुल अनुमानित लागत | 2,514 करोड़ रुपये |
| नए रेलवे स्टेशनों की संख्या | 10 स्टेशन |
| ट्रैक दोहरीकरण कुल लंबाई | 256 किलोमीटर |
| बिहार रेलवे बजट (2025-26) | 10,066 करोड़ रुपये |

