नालंदा के दीपनगर स्थित शीतला माता मंदिर में चैत्र माह के अंतिम मंगलवार को मची भगदड़ के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस हादसे में दम घुटने के कारण 8 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुजारियों ने महिलाओं पर डंडे चलाए थे जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के चार पुजारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुजारियों की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर एक्शन
पुलिस ने इस मामले में कुल 40 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है जिसमें 20 लोग नामजद हैं। गिरफ्तार पुजारियों की पहचान निरंजन कुमार, अनुज पांडेय, मिथिलेश पंडित और विवेकानंद के रूप में हुई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने पैसे लेकर लोगों को दर्शन कराए और भीड़ को सही ढंग से मैनेज करने के बजाय बल प्रयोग किया। लापरवाही बरतने के आरोप में दीपनगर थानाध्यक्ष राजमणि समेत 4 अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
पूरे बिहार में धार्मिक स्थलों का होगा सुरक्षा ऑडिट
- नया सरकारी निर्देश: बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने राज्य के सभी जिलों के एसपी को भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है।
- ऑडिट के मानक: इस जांच में मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार, भीड़ की क्षमता, इमरजेंसी एग्जिट और श्रद्धालुओं की कतार प्रबंधन की समीक्षा की जाएगी।
- मुआवजे का ऐलान: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिवारों के लिए 6 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है जिसमें प्रधानमंत्री राहत कोष की राशि भी शामिल है।
- मंदिर प्रबंधन: बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड अब शीतला माता मंदिर के लिए एक नई प्रबंधन समिति बनाने और इसे बोर्ड में पंजीकृत करने पर विचार कर रहा है।

