बिहार में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पटना के POCSO कोर्ट की कड़ी फटकार और जांच में लापरवाही की बात सामने आने के बाद अब केस के जांच अधिकारी (IO) को बदल दिया गया है। छात्रा के परिवार ने इस मामले में शुरू से ही हत्या और बलात्कार की आशंका जताई है, जिसे लेकर जनता में भी काफी गुस्सा देखा गया है।

इस केस में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

इस पूरे मामले में जांच की रफ्तार और कानूनी धाराओं को लेकर कोर्ट काफी सख्त नजर आ रहा है। छात्रा 6 जनवरी को बेहोश मिली थी और इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी। बिहार सरकार की सिफारिश के बाद CBI ने फरवरी में इस केस को अपने हाथ में लिया था। नीचे दिए गए पॉइंट्स से आप इस मामले के घटनाक्रम को समझ सकते हैं:

तारीख मुख्य घटनाक्रम
12 फरवरी 2026 CBI ने आधिकारिक तौर पर केस दर्ज किया
2 मार्च 2026 कोर्ट ने POCSO एक्ट नहीं लगाने पर CBI को फटकार लगाई
7 मार्च 2026 सरकार ने नोटिफिकेशन बदलकर POCSO की धाराएं जोड़ीं
18 मार्च 2026 हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत अर्जी खारिज हुई
20 मार्च 2026 कोर्ट की नाराजगी के बाद जांच अधिकारी (IO) बदला गया

CBI की जांच पर परिवार को क्यों है शक?

पीड़िता का परिवार इस जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। 19 मार्च को जब CBI की टीम जहानाबाद में उनके घर पहुंची, तो परिवार ने उन्हें घर में घुसने तक नहीं दिया और विरोध प्रदर्शन किया। परिवार का कहना है कि जांच में कई खामियां हैं और शुरुआती दौर में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर मामले को दबाने की कोशिश की थी।

अब इस मामले में POCSO एक्ट की धारा 4 और 6 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 भी शामिल कर ली गई है। इससे CBI को यौन उत्पीड़न के एंगल से भी पूरी जांच करने का अधिकार मिल गया है। CBI की टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल में सीन रिकंस्ट्रक्शन भी किया है। कोर्ट ने अब अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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