बिहार की राजनीति में बड़े उलटफेर की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च 2026 को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उनके 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद आया है। संवैधानिक नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति 14 दिनों से अधिक समय तक राज्य विधानमंडल और संसद दोनों का सदस्य नहीं रह सकता है। अब नीतीश कुमार राज्य की राजनीति से निकलकर केंद्र की राजनीति में अपनी नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई जिम्मेदारी का पूरा शेड्यूल
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर तारीखें तय हो गई हैं। वरिष्ठ नेताओं के अनुसार नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके तुरंत बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र सौंप देंगे। इस पूरे घटनाक्रम को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है।
| महत्वपूर्ण घटना | तारीख |
|---|---|
| राज्यसभा के लिए निर्वाचन | 16 मार्च 2026 |
| विधान परिषद (MLC) से इस्तीफा | 30 मार्च 2026 |
| राज्यसभा सदस्य की शपथ | 10 अप्रैल 2026 |
| मुख्यमंत्री पद से संभावित इस्तीफा | 13 अप्रैल 2026 |
| नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण | 14 अप्रैल 2026 के बाद |
| नितिन नबीन का विधायक पद से इस्तीफा | 30 मार्च 2026 |
बिहार में नए मुख्यमंत्री और बीजेपी की तैयारी
नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। बीजेपी और आरएसएस के बीच नए नाम को लेकर मंथन चल रहा है लेकिन अभी तक किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री की दौड़ में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। खरमास खत्म होने के बाद यानी 14 अप्रैल के बाद नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए इसे बिहार के मतदाताओं के साथ विश्वासघात करार दिया है। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

