पटना एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके साथ रहने वाले परिजनों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अस्पताल परिसर में मरीजों के परिवारों के ठहरने के लिए 248 बिस्तरों वाली एक भव्य धर्मशाला का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को साल 2027 तक पूरा करने का समय तय किया गया है, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को रुकने के लिए भटकना न पड़े और उनका मानसिक तनाव कम हो सके।

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इस धर्मशाला में लोगों को क्या-क्या सुविधाएँ मिलेंगी?

यह धर्मशाला पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार की जाएगी जिसमें लोगों के रहने का खास ख्याल रखा गया है। पूरी इमारत जी+4 यानी भूतल के साथ चार मंजिला ऊंची होगी और यह करीब 2868.43 वर्ग मीटर में फैली होगी। इस धर्मशाला में 216 छात्रावास बिस्तर यानी डॉरमेट्री बेड और 32 प्राइवेट कमरे बनाए जाएंगे। भवन में ऊपर जाने के लिए लिफ्ट, बैठने के लिए बढ़िया फर्नीचर और बिजली की बचत के लिए छत पर सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे।

निर्माण और बजट से जुड़ी मुख्य जानकारी

इस पूरी परियोजना पर बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है और यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में तैयार हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने भी इस काम को समय पर पूरा करने का भरोसा दिया है। निर्माण कार्य के बाद इसे एम्स पटना प्रशासन को सौंप दिया जाएगा।

विशेषता विवरण
कुल बिस्तरों की संख्या 248
इमारत की संरचना जी+4 (5 मंजिल)
प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹14.85 करोड़
निर्माण पूरा होने का समय साल 2027 तक
मुख्य सुविधाएँ लिफ्ट, फर्नीचर, शौचालय और सोलर पैनल

वर्तमान में निर्माण का काम शुरू हो चुका है और पाइलिंग का काम प्रगति पर है। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड इस काम की निगरानी कर रही है ताकि क्वालिटी में कोई कमी न रहे। इस सुविधा के शुरू होने से बिहार के ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीबों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा क्योंकि उन्हें अब निजी होटलों या सड़कों पर रात नहीं बितानी पड़ेगी।

Swasti is Patna Local Journalist covering patna and nearby news, views and Interviews.

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