विकास की नई राह तलाशने 19 सांसदों ने किया नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा

नालंदा में विकास की नई राह तलाशने के लिए 19 सांसदों की एक टीम ने शुक्रवार को नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस टीम में परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संयुक्त संसदीय स्थायी समिति के सांसद शामिल रहे, जिसका नेतृत्व समिति के अध्यक्ष संजय झा ने किया।
- सांसदों की टीम ने नालंदा विश्वविद्यालय का जायजा लिया।
- उद्देश्य नालंदा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और शिक्षा का केंद्र बनाना है।
- विश्वविद्यालय के कुलपति सचिन चतुर्वेदी और सांसदों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
चर्चा का मुख्य केंद्र नालंदा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना रहा। सांसदों ने विश्वविद्यालय के पर्यावरण अनुकूल परिसर, आधुनिक सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं की पूरी जानकारी ली।
विश्वविद्यालय के कुलपति सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि आगामी नालंदा विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई। इसके अलावा विदेशी छात्रों के साथ बिहार के स्थानीय विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और विश्वविद्यालय को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने पर भी बात की गई।
समिति के अध्यक्ष संजय झा ने गया के विष्णुपद मंदिर, राजगीर और नालंदा को जोड़कर पर्यटन गलियारा विकसित करने की जानकारी दी। इससे गया आने वाले पर्यटकों को राजगीर और नालंदा तक लाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सांसदों ने आधुनिक नालंदा की विरासत को करीब से देखा। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति को साथ लेकर चलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। समिति ने बिहार सरकार और विश्वविद्यालय के बीच समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया।