सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयान ने कहा कि बिना सुनवाई के मतदाता सूची से नाम हटाना असंवैधानिक है और यह नागरिकों को 'द्वितीय श्रेणी' का बना देता है।