"भाजपा जनता से डरती है": प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर भड़के आदित्य और अमित ठाकरे

मुंबई में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता अमित ठाकरे ने रविवार को शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दोनों नेताओं ने उन प्रदर्शनकारियों की तुरंत रिहाई की मांग की है, जिन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
भाजपा पर तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम नागरिकों और देश के लोगों से डरती है।
"भाजपा सरकार भारतीय लोगों और नागरिकों से डरती है। इसीलिए आप देख रहे हैं कि वे हर उस देशभक्त को गिरफ्तार कर रहे हैं जो सड़कों पर उतर रहा है। भाजपा डरी हुई है।"
आदित्य ठाकरे ने शिंदे गुट और भाजपा में शामिल हुए पूर्व नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग पहले उनके साथ थे और अब भाजपा में शामिल हो गए हैं, वे अब कहां छिपे हैं।
क्या था विरोध का कारण?
यह पूरा विवाद चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जता रहे थे और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का एक समूह बीएमसी (BMC) मुख्यालय की ओर मार्च कर रहा था, तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और FIR
मुंबई पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। 4 अक्टूबर को आयोजित इस संयुक्त मार्च के आयोजकों के खिलाफ आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन बिना अनिवार्य पुलिस अनुमति के और दक्षिण मुंबई में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए किया गया था।