'नक्सलवाद खत्म तो वीआईपी सुरक्षा क्यों?' अभय कुशवाहा का केंद्र पर हमला
औरंगाबाद के आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने नक्सलवाद के खात्मे के दावों और वीआईपी सुरक्षा के बीच विरोधाभास पर केंद्र सरकार को घेरा।

औरंगाबाद से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद अभय कुशवाहा ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार के उन दावों को 'खोखला' करार दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो चुका है। कुशवाहा ने इस मुद्दे पर सरकार की नीतियों और वीआईपी सुरक्षा के प्रावधानों के बीच गहरा विरोधाभास दिखाया है।
सुरक्षा के नाम पर विरोधाभास का आरोप
सांसद अभय कुशवाहा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार का यह दावा सच है कि देश नक्सल मुक्त हो गया है, तो फिर औरंगाबाद, गया और पूरे मगध क्षेत्र के नेताओं को नक्सलवाद का हवाला देकर Z+ और Y+ सुरक्षा क्यों दी जा रही है?
उन्होंने मांग की कि यदि नक्सली खतरा अब मौजूद नहीं है, तो सरकार तुरंत इन सुरक्षा कवचों को वापस ले ले। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि अधिकारी जनता को गुमराह कर रहे हैं और नक्सलवाद के नाम पर सुरक्षा का लाभ उठाया जा रहा है।
गरीबों के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा नक्सलवाद का नाम
अभय कुशवाहा ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार नक्सलवाद के खात्मे का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ इसी बहाने गरीब मजदूरों और आदिवासी युवाओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने औरंगाबाद का उदाहरण देते हुए कहा कि यहाँ सैकड़ों ऐसे मामले हैं जहाँ गरीबों को जेल भेज दिया जाता है, जबकि रसूखदार और अमीर लोग नक्सलवाद के नैरेटिव का इस्तेमाल करके अपनी सुरक्षा और अन्य लाभों को बनाए रखते हैं।
पूर्व सांसद पर भी साधा निशाना
बिना नाम लिए, कुशवाहा ने औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेताओं ने वर्षों तक इस क्षेत्र को नक्सल प्रभावित बताकर उच्च स्तरीय सुरक्षा का आनंद लिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद का कार्यकाल औरंगाबाद के विकास के बजाय व्यक्तिगत सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लाभों तक ही सीमित रहा।
संसद में गूंजेगा मुद्दा
सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह एक 'व्हाइट पेपर' जारी करे, जिसमें यह स्पष्ट हो कि नक्सलवाद के नाम पर अब तक कितने लोगों को सुरक्षा प्रदान की गई है और उनमें से कितनी सुरक्षा वापस ली गई है। अभय कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि आरजेडी इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाएगी।