ADB का बड़ा अनुमान: भारत की आर्थिक रफ्तार में आएगी जबरदस्त तेजी!

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बेहद सकारात्मक रिपोर्ट पेश की है। ADB ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 6.6 प्रतिशत था। इसके साथ ही, बैंक ने वित्त वर्ष 2027-28 में भी अर्थव्यवस्था के 7.1 प्रतिशत की दर से विस्तार करने की उम्मीद जताई है।
मजबूत घरेलू मांग और निवेश से मिलेगी गति
ADB के 'एशियन डेवलपमेंट आउटलुक सितंबर 2026' के अनुसार, भारत की इस बढ़त के पीछे मजबूत घरेलू मांग और निरंतर निवेश मुख्य कारण हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की शानदार वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर्ज की थी। इस वृद्धि को विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ मजबूत उपभोग ने सहारा दिया है।
हालांकि, ADB ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अपने अनुमान को 7.3 प्रतिशत से घटाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। इसका मुख्य कारण वित्त वर्ष 2026-27 में होने वाली उच्च वृद्धि से बना मजबूत आधार (Base effect) है।
विकास को सहारा देने वाले प्रमुख कारक
आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं:
- मजबूत मांग: घरेलू मांग विकास का मुख्य चालक बनी रहेगी, जिसे मजबूत कर संग्रह और कम ब्याज दरों से समर्थन मिलेगा।
- आय में वृद्धि: बढ़ती घरेलू आय और वित्त वर्ष 2027-28 में सरकारी वेतन एवं पेंशन में संभावित संशोधन से मांग बढ़ेगी।
- सरकारी खर्च: बुनियादी ढांचे पर खर्च को गति मिल रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) 29.9 प्रतिशत बढ़ा है।
- तकनीकी निवेश: सेवा क्षेत्र में, विशेषकर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से संबंधित निवेशों में निरंतर मजबूती देखी जा रही है।
"आपूर्ति में व्यवधान और उच्च कमोडिटी कीमतों के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था लचीलापन प्रदर्शित करना जारी रखे हुए है। इसे मजबूत बुनियादी ढांचा खर्च और विकास समर्थक राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियों का समर्थन मिल रहा है," ADB के भारत के कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने कहा।
महंगाई पर राहत के संकेत
महंगाई के मोर्चे पर भी ADB ने राहत भरी खबर दी है। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुद्रास्फीति (Inflation) के अनुमान को 5.2 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, वित्त वर्ष 2027-28 के लिए इसे 4 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है। हालांकि, यदि कीमतों पर दबाव बढ़ता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में बदलाव पर विचार कर सकता है।
विकास के मार्ग में संभावित चुनौतियां
भविष्य की विकास दर के लिए कुछ जोखिम भी सामने आए हैं:
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता: वैश्विक स्तर पर जारी तनाव विकास को प्रभावित कर सकता है।
- मौसम का प्रभाव: 'अल नीनो' (El Niño) से जुड़ी मौसम संबंधी बाधाएं कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं और औद्योगिक लागत बढ़ा सकती हैं।
अन्य वैश्विक एजेंसियों ने भी जताया भरोसा
ADB के इस सकारात्मक रुख के साथ अन्य प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत की विकास दर के अनुमानों में वृद्धि की है। Fitch Ratings ने अपने अनुमान को 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है, जबकि S&P Global ने इसे 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इन दोनों एजेंसियों ने मजबूत उपभोग और औद्योगिक गतिविधियों को इस वृद्धि का आधार बताया है।