AI से बदल जाएगा युवाओं का करियर? IIT मद्रास की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
IIT मद्रास के शोध के अनुसार, AI भारत में शुरुआती स्तर की नौकरियों को बदल सकता है। जानें कैसे यह युवाओं के करियर को प्रभावित करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत में शुरुआती स्तर (entry-level) की नौकरियों के स्वरूप को पूरी तरह से बदल सकता है। IIT मद्रास के सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल एआई (CeRAI) द्वारा जारी एक श्वेत पत्र (White Paper) के अनुसार, AI के आने से जूनियर कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और उनके काम करने का तरीका बदल जाएगा।
रिपोर्ट का शीर्षक 'How AI Is Reconfiguring Work in India' है। इसमें तर्क दिया गया है कि AI के प्रभाव का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि कितनी नौकरियां खत्म हो गईं, बल्कि यह देखना चाहिए कि व्यक्तिगत कार्यों (tasks) में क्या बदलाव आया है।
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
रिपोर्ट में उन क्षेत्रों की पहचान की गई है जहां शुरुआती स्तर के काम अक्सर दोहराव वाले और प्रक्रिया-उन्मुख होते हैं। इन क्षेत्रों में AI का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा सकता है:
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT)
- बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO)
- फाइनेंस (Finance)
- प्रोफेशनल सर्विसेज (Professional Services)
इन क्षेत्रों में होने वाले नियमित कार्यों को अब तेजी से AI द्वारा संभाला जा सकता है, जिससे जूनियर कर्मचारियों की भूमिका बदल जाएगी।
'अपरेंटिसशिप' मॉडल पर मंडराता खतरा
IIT मद्रास के शोध में एक बहुत ही महत्वपूर्ण चिंता जताई गई है। ऐतिहासिक रूप से, जूनियर भूमिकाएं एक 'अपरेंटिसशिप' की तरह काम करती रही हैं। इसमें कर्मचारी छोटे और दोहराव वाले काम करते हैं, जो दिखने में भले ही कम मूल्य के लगें, लेकिन वे भविष्य में एक वरिष्ठ (senior) भूमिका के लिए आवश्यक निर्णय लेने की क्षमता और अनुभव विकसित करने में मदद करते हैं।
"यदि AI इन कार्यों को अपने हाथ में ले लेता है, तो कंपनियों को यह फिर से सोचना होगा कि वे अपने जूनियर कर्मचारियों को कैसे प्रशिक्षित और विकसित करें।"
रिपोर्ट के अनुसार, यदि AI इन बुनियादी कार्यों को संभाल लेता है, तो युवाओं के लिए पेशेवर कौशल और निर्णय लेने की क्षमता (judgement) विकसित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नौकरी खत्म नहीं, काम का स्वरूप बदलेगा
शोध में स्पष्ट किया गया है कि 'कार्यों का ऑटोमेशन' और 'नौकरियों का खात्मा' दो अलग-अलग बातें हैं। AI कुछ गतिविधियों को संभाल सकता है, लेकिन मानव कर्मचारियों की भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी, विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में:
- महत्वपूर्ण निर्णय लेना
- असामान्य या जटिल स्थितियों को संभालना
- परिणामों की जवाबदेही लेना
कंपनियों के लिए नई चुनौतियां और सुझाव
जैसे-जैसे भारतीय कंपनियां AI टूल्स को अपना रही हैं, नियोक्ताओं को अपने प्रशिक्षण मॉडल में बदलाव करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि कंपनियों को रीस्किलिंग (Reskilling) और प्रशिक्षण के लिए संरचित रास्ते बनाने चाहिए।
इसके साथ ही, भारत-विशिष्ट AI और श्रम बाजार अनुसंधान में निवेश करने की भी आवश्यकता है ताकि यह सटीक रूप से समझा जा सके कि कौन से कार्य मशीनों को दिए जा सकते हैं और कहां मानवीय हस्तक्षेप अनिवार्य रहेगा। यह विशेष रूप से उन युवा कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जिनका करियर अभी शुरुआती दौर में है।