यूपी के छोटे शहरों के लिए खुशखबरी: 'एयर अयोध्या' को मिला NOC, अब हवाई सफर होगा आसान

उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और धार्मिक स्थलों के लिए हवाई सफर का सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। मेगामैक्स एविएशन प्राइवेट लिमिटेड की क्षेत्रीय एयरलाइन, 'एयर अयोध्या' को भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिल गया है। यह इस एयरलाइन के लिए एक बहुत बड़ा नियामक मील का पत्थर है, जो इसके परिचालन की दिशा तय करेगा।
उड़ान योजना के जरिए यूपी के कोने-कोने को जोड़ेगी एयरलाइन
एयर अयोध्या का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश के उन टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई कनेक्टिविटी देना है, जो अब तक बड़े हवाई अड्डों से सीधे नहीं जुड़े थे। यह एयरलाइन राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों को आपस में और बड़े शहरों के साथ जोड़ने का काम करेगी। यह पूरी पहल सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान' (UDAN) योजना के तहत संचालित की जाएगी, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ करना है।
अब DGCA से मिलेगी अंतिम मंजूरी
NOC मिलने के बाद, एयरलाइन का अगला बड़ा कदम नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के साथ मिलकर अपने एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) के लिए प्रमाणन प्रक्रिया शुरू करना है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, एयर अयोध्या की व्यावसायिक उड़ानें आधिकारिक तौर पर शुरू हो सकेंगी।
इन विमानों से शुरू होगा हवाई सफर
एयरलाइन अपनी सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए अत्याधुनिक विमानों का उपयोग करेगी। उनकी योजना कुछ इस प्रकार है:
- शुरुआती चरण: एयरलाइन बिल्कुल नए Cessna Grand Caravan EX विमानों के साथ शुरुआत करेगी।
- डिलीवरी: पहला विमान दिसंबर 2026 में मिलने की उम्मीद है।
- विस्तार: जैसे-जैसे यात्रियों की मांग बढ़ेगी, कंपनी 19-सीटर विमानों को शामिल करेगी।
- भविष्य की योजना: अधिक मांग वाले रूटों पर बड़े टर्बोप्रॉप विमानों को शामिल करने की तैयारी है।
क्या कहते हैं कंपनी के मुखिया?
मेगामैक्स ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, राजेश कुमार सिंह ने इस विकास पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा:
“NOC प्राप्त करना उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों के लोगों के लिए हवाई यात्रा को एक व्यावहारिक विकल्प बनाने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इनमें से कई स्थानों पर हवाई अड्डे या एयरस्ट्रिप तो मौजूद हैं, लेकिन वहां कोई निर्धारित उड़ान नहीं चलती। एयर अयोध्या उड़ान की सच्ची भावना के साथ इस कमी को दूर करने के लिए तैयार है। हम नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग के लिए आभारी हैं।”