आलमपुर विस्फोट: मृतकों की पहचान में बड़ी चूक, मुस्कान अब भी लापता
सीवान के आलमपुर विस्फोट में मृतकों की पहचान में बड़ी गलती हुई है। मृत युवती इशरत की है, जबकि मुस्कान अभी भी लापता है।

सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में हुए भीषण आलमपुर विस्फोट के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि विस्फोट में मारे गए लोगों की पहचान करने में बड़ी चूक हुई थी। जिस युवती को पहले मुस्कान सिद्दीकी समझा जा रहा था, वह असल में इशरत सिद्दीकी निकली। वहीं, असली मुस्कान सिद्दीकी अब भी लापता है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पहचान में हुई बड़ी गलती
आलमपुर गांव में अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान हुए इस विस्फोट ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद जब शव बरामद किए गए, तो उनकी स्थिति इतनी खराब थी कि पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने एक युवती के शव को मुस्कान सिद्दीकी मान लिया था, लेकिन पुलिस की गहन जांच के बाद सच्चाई सामने आई।
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के अनुसार, अनुसंधान के दौरान पता चला कि मृत युवती मुस्कान सिद्दीकी नहीं, बल्कि इशरत सिद्दीकी (करीब 20 वर्ष) थी। इशरत के पिता स्वर्गीय आजाद थे और वह भी आलमपुर की ही निवासी थी।
मुस्कान की तलाश जारी
इस पूरे हादसे में सबसे चिंताजनक बात यह है कि 21 वर्षीय मुस्कान सिद्दीकी अब भी लापता है। घटनास्थल से उसका शव बरामद नहीं हुआ है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है। पुलिस की टीमें लगातार उसकी खोजबीन कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह इस विस्फोट में कहां है।
इन लोगों की हुई थी मौत
विस्फोट की इस हृदयविदारक घटना में कुल पांच लोगों की जान गई है। मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- अमरूदीन अहमद (लगभग 70 वर्ष)
- खुशबू सिद्दीकी (लगभग 10 वर्ष)
- अरशद सिद्दीकी (लगभग 8 वर्ष)
- राजकुमार उर्फ भोला
- इशरत सिद्दीकी (लगभग 20 वर्ष)
थानाध्यक्ष पर गिरी गाज, जांच तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जामो बाजार के थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है और उनकी जगह पुलिस अवर निरीक्षक कृष्णा कुमार को नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
घटनास्थल से पुलिस ने अवैध रूप से बनाए जा रहे पटाखों के साक्ष्य भी बरामद किए हैं। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (FSL) टीम को भी बुलाया गया था ताकि विस्फोट के कारणों और अवैध निर्माण से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया जा सके।