सुपौल: अमहा पंचायत में जल्द शुरू होगा गोबर गैस प्लांट
सुपौल की अमहा पंचायत में गोबरधन परियोजना के तहत बना गोबर गैस प्लांट जल्द चालू होगा। डीडीसी इन्द्रवीर कुमार ने निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए।

सुपौल जिले के अमहा ग्राम पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होने जा रही है। यहाँ गोबरधन परियोजना के अंतर्गत निर्मित गोबर गैस प्लांट को जल्द से जल्द चालू करने की कवायद तेज कर दी गई है। गुरुवार को उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार ने स्वयं प्लांट का निरीक्षण किया और इसकी वर्तमान स्थिति के साथ-साथ संचालन की तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के प्रतिनिधियों को परियोजना को शीघ्र क्रियाशील करने के लिए कड़े निर्देश दिए। इस मौके पर डीआरडीए के निदेशक (लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन) आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी, बीपीएम जीविका और निदान एजेंसी के प्रतिनिधि विशाल कुमार सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे। निदान एजेंसी के प्रतिनिधि ने भी प्लांट को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कार्य शुरू करने पर अपनी सहमति जताई है।
स्थानीय कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्लांट के सुचारू और नियमित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए डीडीसी ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि निदान एजेंसी को चाहिए कि वे प्लांट चलाने के लिए स्थानीय कर्मियों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान करें। इससे न केवल प्लांट का रखरखाव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी कौशल भी बढ़ेगा। इसके साथ ही, सीएलएफ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे प्लांट के संचालन के लिए प्रतिदिन आवश्यकतानुसार गोबर की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
जैविक ऊर्जा और स्वच्छता की ओर बड़ा कदम
इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में गोबर के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ जैविक ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि गोबरधन परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों और स्थानीय समूहों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।
निगरानी के संबंध में, बीपीएम जीविका, सुपौल को निर्देशित किया गया है कि वे निदान एजेंसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करें और कार्य की प्रगति से जुड़ी जानकारी जिला स्वच्छता कार्यालय को उपलब्ध कराएं।