चक्रवात मुरसुआ का कहर: अमित शाह ने दिया केंद्र की मदद का भरोसा
चक्रवात मुरसुआ से प्रभावित आंध्र प्रदेश में राहत कार्य तेज। अमित शाह ने सीएम नायडू को केंद्र की मदद का भरोसा दिलाया।

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात मुरसुआ के टकराने के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर विस्तृत बातचीत की और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लिया।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें पहले से ही प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। अमित शाह ने कहा कि सरकार का संकल्प अटूट है और प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।
कर्नाटक ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
आंध्र प्रदेश की मदद के लिए पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने भी तत्परता दिखाई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की है कि राज्य की टीमें राहत और बहाली कार्यों में सहायता के लिए आंध्र प्रदेश की ओर रवाना हो गई हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने इस कठिन समय में कर्नाटक सरकार और वहां के लोगों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और रेड अलर्ट
आंध्र प्रदेश मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात मुरसुआ सुबह के समय दक्षिणी तट से टकराया। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जो कुछ स्थानों पर 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं:
- रेड अलर्ट: कृष्णा, गुंटूर, बपतला, पलनाडु, मरकापुरम और प्रकाशम जिलों में भारी बारिश के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- मछुआरों के लिए सलाह: मछुआरों को 4 नवंबर तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- चक्रवात की स्थिति: चक्रवात वर्तमान में ओंगोल के पास केंद्रित है और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्क रहें और भारी बारिश या तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।