चक्रवात अर्नब राहत: अमित शाह ने राज्यों को दिया मदद का भरोसा
चक्रवात अर्नब से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अमित शाह ने बात की और NDRF-SDRF के जरिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात अर्नब राहत कार्यों और प्रभावित राज्यों को मिलने वाली सहायता को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने आपदा की इस घड़ी में प्रभावित राज्यों के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता जताई है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की है। उन्होंने राज्यों को भरोसा दिलाया कि लोगों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
गृह मंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें पहले से ही मैदान में उतर चुकी हैं। ये टीमें युद्धस्तर पर राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
सहायता के सटीक आकलन के लिए जल्द ही IMCTs भेजी जाएंगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितना नुकसान हुआ है और आगे कितनी मदद की आवश्यकता है। शाह ने कहा:
"भारत सरकार दृढ़ संकल्प के साथ लोगों के साथ खड़ी है।"
मौसम विभाग का अपडेट: चक्रवात की वर्तमान स्थिति
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम अपडेट के अनुसार, बहुत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का अवशेष अब एक डिप्रेशन (अवसाद) में बदल गया है। पिछले छह घंटों में यह लगभग 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह सिस्टम 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 5:30 बजे दक्षिण छत्तीसगढ़ और पड़ोसी दक्षिण ओडिशा के ऊपर केंद्रित था। इसकी स्थिति निम्नलिखित स्थानों के पास है:
- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से लगभग 20 किमी पश्चिम में।
- ओडिशा के भवानीपटना से 170 किमी दक्षिण-पश्चिम में।
- ओडिशा के तिलतरागढ़ से 210 किमी दक्षिण-पश्चिम में।
- रायपुर से 250 किमी दक्षिण में।
- ओडिशा के संबलपुर से 350 किमी दक्षिण-पश्चिम में।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम उत्तर की ओर बढ़ना जारी रखेगा और 29 अक्टूबर 2026 की शाम तक एक सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। रायपुर और संबलपुर में स्थित डॉप्लर वेदर रडार के जरिए इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अंडमान सागर में नया खतरा
एक तरफ जहां चक्रवात अर्नब का प्रभाव कम हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अंडमान सागर में एक नया खतरा मंडरा रहा है। दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के ऊपर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में डिप्रेशन के रूप में विकसित होने की संभावना है।