अमित शाह और धामी ने उत्तराखंड के 6 जांबाज बच्चों को किया सम्मानित
उत्तराखंड के 6 जांबाज बच्चों को अमित शाह और सीएम धामी ने 'राज्य बाल वीरता पुरस्कार' से नवाजा। भालू के हमले से लेकर बाढ़ तक, इन बच्चों ने दिखाई अद्भुत हिम्मत।

देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित एक गरिमामय समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के छह साहसी बच्चों को उत्तराखंड बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। इन बच्चों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा की और विषम परिस्थितियों में असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया।
महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहली बार शुरू किए गए इस पुरस्कार के तहत, छह विजेताओं का चयन पूरे राज्य से प्राप्त आवेदनों के आधार पर किया गया। प्रत्येक विजेता को एक पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही, प्रत्येक बच्चे के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 51,000 रुपये की नकद राशि भी भेजी गई।
भालू के हमले से मुकाबला और जान बचाना
पुरस्कार पाने वाले बच्चों में चमोली जिले के तीन बच्चे शामिल हैं, जिन्होंने एक बेहद डरावनी स्थिति में वीरता दिखाई। 22 दिसंबर, 2025 को चमोली के जीआईसी यूपीएस हरिशंकर स्कूल में एक भालू ने घुसपैठ कर कक्षा 6 के छात्र आरव सिंह पर हमला कर दिया था।
- आरव सिंह (चमोली): भालू के हमले के दौरान उन्होंने खुद का बचाव करने के लिए संघर्ष किया।
- दिव्या (चमोली): कक्षा 8 की छात्रा दिव्या ने साहस दिखाते हुए भालू का पीछा किया और उसे भगाकर आरव की जान बचाई।
- दीपिका (चमोली): दीपिका ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नौ अन्य छात्रों को कक्षा 7 के कमरे में सुरक्षित पहुँचाया।
प्राकृतिक आपदाओं में दिखाया अदम्य साहस
राज्य के अन्य जिलों से भी बच्चों ने अपनी बहादुरी से सबका दिल जीत लिया:
माया (चम्पावत)
5 अगस्त, 2025 को भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और एक छोटी बच्ची तेज बहाव में बहने लगी। माया ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बचाव कार्य के दौरान माया को चोटें भी आईं, लेकिन उन्होंने एक जीवन बचा लिया।
आराध्या (देहरादून)
2 जून, 2026 की शाम को हुई बादल फटने की घटना के दौरान आराध्या ने अपनी सतर्कता से बड़ी त्रासदी टाल दी। उन्होंने मलबे और पानी के तेज बहाव को भांपते हुए अपने घर के सभी 17 सदस्यों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के लिए सचेत किया। साथ ही, उन्होंने बहते पानी से एक तीन साल की बच्ची को भी सुरक्षित निकाला।
श्वेता (टिहरी गढ़वाल)
30 जनवरी, 2025 को श्वेता ने एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान बचाई। जब एक बुजुर्ग व्यक्ति सड़क पर चल रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन उनकी ओर आ रहा था। श्वेता ने तुरंत उनका हाथ पकड़कर उन्हें सड़क के किनारे खींच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पुरस्कार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को प्रोत्साहित करना है जो कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस, वीरता और सूझबूझ का प्रदर्शन करते हैं। इस पहल का लक्ष्य अन्य बच्चों को भी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में बहादुर, संवेदनशील और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करना है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्योत्सव के अवसर पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह का स्वागत किया और उन्हें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक टोपी, शॉल, गंगाजल और समुद्र मंथन को दर्शाने वाला प्रतीक चिन्ह भेंट किया।