हिमवीरों के शौर्य से गूंजते हिमालय: अमित शाह ने ITBP को दी बधाई
आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने 'हिमवीरों' के साहस की सराहना की और शहीदों को नमन किया।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बल के जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने 'हिमवीरों' के अदम्य साहस और कठिनतम जलवायु परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करने की क्षमता की जमकर प्रशंसा की।
अमित शाह ने हिमवीरों के साहस को सराहा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अमित शाह ने कहा कि हिमवीरों के शौर्य की दहाड़ बर्फ से ढके पहाड़ों में गूंजती है, जो हमारे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को चकनाचूर करने की शक्ति रखती है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में डटे रहने की उनकी क्षमता भारत के सुरक्षा के प्रति फौलादी संकल्प का प्रतीक है।
"हिमवीरों के शौर्य की दहाड़ बर्फ से ढके पहाड़ों में गूंजती है, जो हमारे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हर खतरे को मलबे में बदल देती है। कठिनतम जलवायु परिस्थितियों का सामना करने की उनकी क्षमता भारत के सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को मेरा नमन।" — अमित शाह
ओम बिरला ने भी जवानों के शौर्य को किया नमन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी ITBP के स्थापना दिवस पर सभी सैनिकों और अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने हिमालय के दुर्गम और खतरनाक इलाकों में देश की सीमाओं की रक्षा करने में बल के जवानों द्वारा स्थापित वीरता और समर्पण के उच्च मानकों की सराहना की।
बिरला ने कहा कि हिमालय के इन दुर्गम क्षेत्रों में सीमाओं की सुरक्षा के लिए जवानों का अटूट संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने राष्ट्र सेवा में समर्पित ITBP के सभी वीर जवानों के शौर्य को नमन किया।
'शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा' का संकल्प
इस विशेष अवसर पर ITBP ने भी अपने जवानों, जिन्हें 'हिमवीर' और 'हिमवीरांगना' कहा जाता है, और उनके परिवारों को बधाई दी। बल ने अपने मूल मंत्र को दोहराते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
- बल का ध्येय वाक्य: शौर्य, दृढ़ता, कर्मनिष्ठा
- मुख्य कार्य: हिमालयी क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा
- विशेषता: कठिनतम जलवायु में अटूट संकल्प और साहस